2001 बैच के वरिष्ठ IPS अधिकारी को योगी सरकार ने सौंपी राजधानी की कानून-व्यवस्था की कमान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 2001 बैच के वरिष्ठ IPS अधिकारी तरुण गाबा को लखनऊ का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया है। इससे पहले वह अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) के पद पर तैनात थे। शांत स्वभाव, सख्त कार्यशैली और बेहतरीन प्रशासनिक क्षमता के लिए पहचाने जाने वाले तरुण गाबा अब राजधानी की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे।
चंडीगढ़ से शुरू हुआ सफर
मूल रूप से चंडीगढ़ के रहने वाले तरुण गाबा ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC) से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इलेक्ट्रिकल कम्युनिकेशन में बीई की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने पुलिस प्रबंधन, साइबर लॉ और पब्लिक पॉलिसी जैसे विषयों में उच्च शिक्षा और विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने देश और विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रोफेशनल कोर्स भी किए हैं।
CBI में संभाले हाई-प्रोफाइल केस
अपने करियर के दौरान तरुण गाबा ने CBI में डीआईजी के रूप में भी सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने व्यापम घोटाला और डेरा सच्चा सौदा जैसे चर्चित मामलों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी जांच क्षमता और निष्पक्ष कार्यशैली की काफी सराहना हुई।
महाकुंभ 2025 की सुरक्षा में निभाई अहम भूमिका
प्रयागराज में आईजी रेंज रहते हुए उन्होंने महाकुंभ 2025 की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाई। करोड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी वाले इस विशाल आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में उनके योगदान के लिए उन्हें मुख्यमंत्री महाकुंभ सेवा पदक-2025 से सम्मानित किया गया।
कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित
तरुण गाबा को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए गवर्नर गोल्ड मेडल फॉर गैलेंट्री, राष्ट्रपति पुलिस पदक तथा डीजीपी डिस्क (सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम) जैसे कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पुलिस कप्तान और वरिष्ठ अधिकारियों के रूप में प्रभावी नेतृत्व दिया है।
अब राजधानी की सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी
लखनऊ जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण शहर की कमान मिलने के बाद अब तरुण गाबा के सामने कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, साइबर अपराध पर नियंत्रण और नागरिक सुरक्षा को और मजबूत बनाने की चुनौती होगी। शासन को उनसे राजधानी में प्रभावी पुलिसिंग की उम्मीद है।