देशभर में मानसून का दूसरा चरण बना आफत
नई दिल्ली। देशभर में मानसून का दूसरा चरण कई राज्यों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल, गुजरात, ओडिशा और असम तक लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई स्थानों पर बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ की घटनाओं ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर कर दिया है। प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से भारी तबाही
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ और शोपियां जिले सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। किश्तवाड़ के चन्नू इलाके में देर रात बादल फटने के बाद तेज बहाव में कई वाहन बह गए। कई मकानों को नुकसान पहुंचा और सड़कें मलबे से भर गईं। शोपियां में अचानक आए सैलाब से गांवों में पानी भर गया, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा। लगातार हो रही बारिश के कारण कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात भी प्रभावित हुआ।
चारधाम और अमरनाथ यात्रा पर असर
उत्तराखंड में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण चारधाम यात्रा प्रभावित हुई है। कई मार्गों पर मलबा आने से आवाजाही बाधित रही। वहीं जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा पर भी मौसम का असर देखने को मिला। प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
गुजरात में रेड अलर्ट, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात
गुजरात के सुरेंद्रनगर सहित कई जिलों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई कॉलोनियों और रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है। स्थानीय प्रशासन को लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना पड़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत, वडोदरा और नवसारी समेत कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। अगले 24 से 48 घंटे तक अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
असम और ओडिशा में भी गंभीर स्थिति
पूर्वोत्तर राज्य असम में बाढ़ का असर लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार अब तक लगभग 80 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2.12 लाख से अधिक लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। राहत शिविरों में हजारों लोगों को ठहराया गया है। वहीं ओडिशा के पुरी सहित कई जिलों में गांव जलमग्न हो गए हैं और फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
प्रशासन की अपील
मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, अनावश्यक यात्रा न करने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सहायता कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून का असर जारी रह सकता है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।