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मनुस्मृति विवाद पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की चेतावनी, राहुल गांधी से माफी की मांग!

बेमेतरा। मनुस्मृति को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की टिप्पणियों पर ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आपत्ति जताई। बुधवार को बेमेतरा में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राहुल गांधी के बयानों पर सवाल उठाते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की। शंकराचार्य ने कहा कि यदि राहुल गांधी ने अपने बयान को लेकर माफी नहीं मांगी तो कांग्रेस के खिलाफ हिंदू बहिष्कार अभियान चलाने पर विचार किया जाएगा।

मनुस्मृति को लेकर राहुल गांधी के बयान पर जताई आपत्ति

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने मनुस्मृति में कही गई बातों को गलत संदर्भ में पेश किया। उनका कहना था कि राहुल गांधी कई बार मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए गंभीर आरोप लगा चुके हैं, लेकिन जिन बातों का जिक्र वह करते हैं, उनके मूल स्रोत या संदर्भ को स्पष्ट नहीं करते।

शंकराचार्य ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी से यह बताने को कहा था कि मनुस्मृति में संबंधित बात आखिर कहां लिखी गई है। उनके मुताबिक, उन्हें इस सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसी आधार पर उन्होंने राहुल गांधी के मनुस्मृति संबंधी बयानों पर आपत्ति जताई।

धर्मग्रंथ को सही संदर्भ में समझने की अपील

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि किसी भी धर्मग्रंथ के बारे में टिप्पणी करने से पहले उसके मूल संदर्भ, समय और अर्थ को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मनुस्मृति सनातन परंपरा की स्मृतियों का हिस्सा है और इसके संबंध में किसी भी चर्चा को संदर्भ के साथ किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि उनका राहुल गांधी से व्यक्तिगत विरोध नहीं है। उनके मुताबिक, उनका विरोध केवल उन बयानों से है, जिन्हें वह धर्मग्रंथ के प्रति अनुचित या अपमानजनक मानते हैं।

महिलाओं की स्वतंत्रता वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया

राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति को महिलाओं की स्वतंत्रता के खिलाफ बताए जाने पर भी शंकराचार्य ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मनुस्मृति में महिलाओं की सुरक्षा और परिवार की जिम्मेदारियों से जुड़ी बातों को केवल महिलाओं की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध के रूप में देखना उचित नहीं है।

उन्होंने परिवार में माता-पिता द्वारा बच्चों की देखभाल और बाद में बच्चों द्वारा बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी उठाने का उदाहरण देते हुए कहा कि जिम्मेदारी और सुरक्षा को हमेशा स्वतंत्रता के विरोध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

राहुल गांधी को पत्र भेजने का दावा

शंकराचार्य ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर राहुल गांधी को पत्र भी भेजा है। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी के मन में मनुस्मृति को लेकर कोई सवाल या भ्रम है तो इस विषय पर बैठकर चर्चा की जा सकती है।

उन्होंने राजनीतिक दलों से भी धार्मिक और सामाजिक विषयों पर टिप्पणी करते समय मर्यादा बनाए रखने की बात कही। शंकराचार्य ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक नेता का व्यक्तिगत विरोध करना नहीं, बल्कि धर्मग्रंथों के संदर्भ को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराना है।

माफी नहीं मांगी तो बहिष्कार अभियान पर विचार

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यदि मनुस्मृति को लेकर इसी तरह की टिप्पणियां जारी रहीं और माफी नहीं मांगी गई तो वह कांग्रेस के खिलाफ हिंदू बहिष्कार अभियान चलाने पर विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर कांग्रेस नेताओं को भी गंभीरता से विचार करना चाहिए।

हालांकि, यह शंकराचार्य की ओर से व्यक्त किया गया राजनीतिक-सामाजिक रुख है और आगे इस मुद्दे पर राहुल गांधी या कांग्रेस की प्रतिक्रिया से विवाद की दिशा स्पष्ट हो सकती है।

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