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Global Warming से क्या बढ़ रहा है प्लेन का Turbulence? जानिए कितने सुरक्षित हैं आधुनिक विमान!

एयर टर्बुलेंस को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?

हवाई यात्रा के दौरान विमान का अचानक हिलना या ऊंचाई में बदलाव होना यात्रियों के लिए डरावना अनुभव हो सकता है। हाल में एयर इंडिया की एक फ्लाइट में टर्बुलेंस के कारण यात्रियों और क्रू मेंबर्स के घायल होने की घटना ने एक बार फिर इस खतरे को चर्चा में ला दिया है। इसके बाद सवाल उठ रहा है कि क्या जलवायु परिवर्तन के कारण आसमान में टर्बुलेंस की घटनाएं बढ़ रही हैं और क्या भविष्य में विमानों को ज्यादा अशांत हवा का सामना करना पड़ेगा।

वैज्ञानिक शोध इस सवाल को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं करते। यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के 2023 के शोध के मुताबिक, 1979 से 2020 के बीच उत्तरी अटलांटिक के एक प्रमुख हवाई मार्ग पर गंभीर Clear-Air Turbulence की वार्षिक अवधि में 55 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। शोधकर्ताओं ने इस बदलाव को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के अनुरूप बताया है।

आखिर Turbulence होता क्या है?

टर्बुलेंस वातावरण में हवा की अनियमित और अस्थिर गति को कहा जाता है। यह जेट स्ट्रीम, तूफान, पहाड़ों के आसपास की हवा, मौसम में बदलाव और अलग-अलग ऊंचाइयों पर हवा की गति में अंतर जैसी परिस्थितियों के कारण पैदा हो सकता है। अमेरिका की Federal Aviation Administration के मुताबिक, टर्बुलेंस साफ आसमान में भी हो सकता है और कई बार अचानक सामने आता है।

टर्बुलेंस हल्का, मध्यम, गंभीर या अत्यधिक स्तर का हो सकता है। गंभीर स्थिति में विमान की ऊंचाई और दिशा में अचानक बड़े बदलाव हो सकते हैं और सीट बेल्ट नहीं पहने यात्रियों को चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है।

Clear-Air Turbulence क्यों है चुनौती?

Clear-Air Turbulence यानी CAT खास तौर पर चुनौतीपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह साफ आसमान में भी हो सकता है। सामान्य मौसम रडार के लिए इसे पहचानना मुश्किल होता है। यह अक्सर ऊंचाई पर तेज हवाओं और जेट स्ट्रीम से जुड़े Wind Shear के कारण बनता है।

इसी वजह से पायलटों को हर बार इसके आने से पहले पर्याप्त चेतावनी नहीं मिल पाती। हालांकि विमान संचालन में पायलट रिपोर्ट, मौसम संबंधी डेटा और आधुनिक पूर्वानुमान तकनीकों का इस्तेमाल करके जोखिम कम करने की कोशिश की जाती है।

क्या Global Warming बढ़ा रहा है Turbulence?

शोधकर्ताओं के अनुसार जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान से ऊपरी वायुमंडल में हवाओं की संरचना और Jet Stream से जुड़े Wind Shear में बदलाव हो सकते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के अध्ययन में उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र में गंभीर Clear-Air Turbulence में 55 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर उड़ान पहले से ज्यादा खतरनाक हो गई है।

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जलवायु परिवर्तन जारी रहने की स्थिति में भविष्य में गंभीर टर्बुलेंस की आवृत्ति और बढ़ सकती है।

क्या आधुनिक विमान Turbulence झेल सकते हैं?

आधुनिक कमर्शियल विमान अलग-अलग मौसम और वायुमंडलीय परिस्थितियों में सुरक्षित संचालन को ध्यान में रखकर डिजाइन किए जाते हैं। टर्बुलेंस के दौरान सबसे बड़ा तत्काल खतरा अक्सर विमान की संरचना के बजाय केबिन में मौजूद बिना सीट बेल्ट वाले लोगों के घायल होने का होता है।

FAA भी यात्रियों को सलाह देता है कि सीट पर बैठे रहने के दौरान सीट बेल्ट बांधकर रखें, भले ही उस समय सीट बेल्ट का संकेत बंद हो। अप्रत्याशित टर्बुलेंस में सीट बेल्ट यात्रियों को सीट से उछलने से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

एयरलाइंस और विमानन एजेंसियां टर्बुलेंस से जुड़े जोखिम को कम करने के लिए मौसम संबंधी डेटा, पायलट रिपोर्ट, पूर्वानुमान तकनीक और ऑपरेशनल प्रक्रियाओं का इस्तेमाल करती हैं। FAA के मुताबिक, आधुनिक सिस्टम तेजी से अपडेट होने वाले टर्बुलेंस पूर्वानुमान उपलब्ध कराने में भी मदद कर रहे हैं।

इसलिए बढ़ता टर्बुलेंस एक वास्तविक विमानन चुनौती जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सामान्य हवाई यात्रा असुरक्षित हो गई है। यात्रियों के लिए सबसे आसान और प्रभावी सुरक्षा उपाय अब भी यही है—पूरी उड़ान के दौरान सीट बेल्ट बांधकर रखना और क्रू के निर्देशों का पालन करना।

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