रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को रामपुर जेल से रिहा होने के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हिरासत में लिए जाने पर उनके बेटे अब्दुल्ला आजम ने नाराजगी जताई है। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपने परिवार के साथ अन्याय होने का आरोप लगाया। भावुक अंदाज में उन्होंने कहा कि उनके परिवार का सबसे बड़ा कसूर उनका नाम है। उन्होंने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा, “हम इंसान नहीं हैं, हम जानवर हैं।”
आजम खान को फिर हिरासत में लिए जाने पर नाराजगी
दो पैनकार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम शनिवार शाम रामपुर जेल से रिहा हुए। हालांकि, जेल से बाहर आते ही प्रवर्तन निदेशालय ने आजम खान को हिरासत में ले लिया। वहीं, अब्दुल्ला आजम घर के लिए रवाना हो गए।
पिता को दोबारा हिरासत में लिए जाने पर अब्दुल्ला आजम ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके पिता को 11 महीने से अधिक समय बाद जमानत मिली थी। कई वर्षों तक अदालतों के चक्कर लगाने के बाद जब वह जेल से बाहर आए तो ईडी ने उन्हें फिर से हिरासत में ले लिया।
‘हमारा सबसे बड़ा कसूर हमारा नाम है’
अब्दुल्ला आजम ने कहा कि उनके परिवार के साथ लगातार अन्याय और जुल्म हो रहा है। उनका आरोप है कि उनके नाम की वजह से उन्हें सजा दी जाती है और वर्षों तक जेल में रखा जाता है।
उन्होंने टीवी और फ्रिज चोरी से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए कहा कि आजम खान को इस मामले में 10 साल की सजा हुई। उन्होंने इस मामले में घटनास्थल और परिस्थितियों को लेकर भी सवाल उठाए।
अब्दुल्ला ने कहा कि अगर उनका नाम अब्दुल्ला नहीं होता तो शायद वह अपने पक्ष में सच्चाई साबित कर पाते। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार के पास अपने अधिकारों के इस्तेमाल का अवसर तक नहीं है।
मूलभूत अधिकारों को लेकर उठाए सवाल
बातचीत के दौरान अब्दुल्ला आजम भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि अगर उनका परिवार इतना ही बड़ा अपराधी है तो फिर उसे जीने का अधिकार भी नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस्लाम में खुदकुशी को हराम बताते हुए कहा कि उनके मूलभूत अधिकार तक खत्म हो चुके हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आजाद भारत में उनके परिवार के साथ जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, वैसा किसी अन्य परिवार के साथ नहीं हुआ होगा।
ईडी की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
अब्दुल्ला आजम ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि फिलहाल एजेंसी के पास आरोप हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि आजम खान को ईडी के मामले में राहत मिल भी जाती है तो किसी अन्य मामले में उन्हें दोबारा जेल भेजा जा सकता है।
हालांकि, ईडी की कार्रवाई और आजम खान के खिलाफ मामलों को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा। अब्दुल्ला के बयान के बाद इस मामले ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा तेज कर दी है।