वाराणसी। भगवान श्रीकृष्ण को लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री की कथित टिप्पणी के विरोध में वाराणसी में अधिवक्ताओं और युवाओं ने प्रदर्शन किया। कचहरी स्थित जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों ने धीरेंद्र शास्त्री के पोस्टर जलाकर नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि धीरेंद्र शास्त्री की ओर से व्यासपीठ से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को लेकर की गई टिप्पणी से करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसी के विरोध में अधिवक्ताओं और युवाओं ने एकजुट होकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार, बुधवार को वाराणसी कचहरी परिसर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर अधिवक्ताओं और युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने धीरेंद्र शास्त्री के पोस्टर जलाए और उनके खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि धार्मिक मंचों से दिए जाने वाले बयानों में मर्यादा और जिम्मेदारी का ध्यान रखा जाना चाहिए।
अधिवक्ता आलोक सौरभ ने उठाया मामला
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अधिवक्ता आलोक सौरभ ने आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री ने व्यासपीठ पर बैठकर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को ‘खेल’ बताया और भगवान को बांटने का प्रयास किया। उनके अनुसार, इस तरह की टिप्पणी से सनातन धर्म में आस्था रखने वाले करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
अधिवक्ता आलोक सौरभ ने बताया कि इस मामले में पुलिस आयुक्त वाराणसी को तहरीर देकर धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
कोर्ट में आकर माफी मांगने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि धीरेंद्र शास्त्री सार्वजनिक रूप से अपनी टिप्पणी पर स्पष्टीकरण दें और अदालत में आकर माफी मांगें। अधिवक्ता आलोक सौरभ ने कहा कि उनकी ओर से माफी तभी स्वीकार की जाएगी, जब धीरेंद्र शास्त्री कोर्ट में आकर माफी मांगेंगे।
धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामले पर कार्रवाई की मांग
इस प्रदर्शन के माध्यम से अधिवक्ताओं और युवाओं ने धार्मिक आस्था से जुड़े बयानों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस आयुक्त को तहरीर सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने या पुलिस की ओर से किसी आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।
मामले में आगे पुलिस का रुख और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।