अयोध्या। दीपावली और छठ पर्व के बीच उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक शहरों अयोध्या, वाराणसी और मथुरा को बम धमाकों से दहलाने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। अयोध्या कोर्ट की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजे गए एक धमकी भरे संदेश में 8 नवंबर से 27 नवंबर तक लगातार धमाके करने की बात कही गई है। ई-मेल में धार्मिक स्थलों और वाराणसी के स्कूलों को भी निशाना बनाने की धमकी का जिक्र है। मामला सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन अलर्ट हो गए हैं।
4 नवंबर को कोर्ट की ई-मेल आईडी पर आया संदेश
रिपोर्ट के मुताबिक, 4 नवंबर को दोपहर करीब 12 बजकर 25 मिनट पर अयोध्या कोर्ट की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर स्लेटर जॉन्सन नाम से एक ई-मेल प्राप्त हुआ। संदेश में 8 नवंबर को ‘काली दिवाली’ होने और अयोध्या, वाराणसी तथा मथुरा में धमाकों की धमकी दी गई। ई-मेल में कथित तौर पर 8 नवंबर से 27 नवंबर तक धमाके जारी रहने की बात लिखी गई थी।
संदेश में खालिस्तान समर्थक नारे और कुछ संगठनों के नामों का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा वाराणसी के स्कूलों को बम से उड़ाने तथा मथुरा के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की धमकी का भी जिक्र है। फिलहाल ई-मेल में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
CJM ने SSP को लिखा पत्र
धमकी भरे ई-मेल की जानकारी मिलने के बाद अयोध्या के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) पीयूष त्रिपाठी ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को पत्र लिखकर कचहरी परिसर की सुरक्षा तत्काल मजबूत करने की मांग की।
पत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, प्रवेश और निकास द्वारों पर सघन जांच कराने तथा संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं की तलाशी लेने जैसे निर्देशों की मांग की गई। इसके साथ ही बम निरोधक दस्ते और श्वान दस्ते से नियमित जांच कराने तथा ई-मेल भेजने वाले की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया।
कचहरी परिसर में बढ़ाई गई निगरानी
धमकी की सूचना मिलने के बाद अयोध्या नगर कोतवाली और कैंट पुलिस की टीमें बुधवार दोपहर कचहरी परिसर पहुंचीं। पुलिस ने सभी प्रवेश द्वारों पर जांच की और परिसर में भी छानबीन की। मेटल डिटेक्टर सहित सुरक्षा उपकरणों की कार्यक्षमता भी जांची गई।
कचहरी में तैनात कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बिना जांच किसी भी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश नहीं देने को कहा गया है।
8 से 27 नवंबर तक विशेष सतर्कता की मांग
CJM ने अपने पत्र में 8 से 27 नवंबर तक विशेष सतर्कता बरतने, अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने और गश्त बढ़ाने की मांग की है। ई-मेल भेजने वाले की पहचान करना भी पुलिस के सामने अहम चुनौती है।
त्योहारों के दौरान अयोध्या, वाराणसी और मथुरा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में धमकी भरे ई-मेल के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सतर्कता बढ़ गई है। हालांकि, धमकी की वास्तविकता और उसकी विश्वसनीयता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।