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लखनऊ में धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ लगे पोस्टर, बताया ‘ढोंगी-पाखंडी व्यापारी’, श्रीराम और श्रीकृष्ण पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद!

उत्तर प्रदेश | लखनऊ | 5 नवंबर 2026

लखनऊ में कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी के बाद अब राजधानी लखनऊ में उनके खिलाफ पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए हैं। इन होर्डिंग में धीरेंद्र शास्त्री को ‘ढोंगी-पाखंडी व्यापारी’ बताया गया है। समाजवादी पार्टी मुख्यालय के बाहर लगाए गए इन पोस्टरों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

इस मामले ने धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। पोस्टर लगाए जाने के बाद एक बार फिर धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी और कथावाचन के तरीके को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

सपा मुख्यालय के बाहर लगाए गए विवादित होर्डिंग

जानकारी के मुताबिक, ये होर्डिंग सुजीत यादव की ओर से लगवाए गए हैं। होर्डिंग में एक तरफ भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीरें लगाई गई हैं, जबकि दूसरी तरफ धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तस्वीर पर लाल रंग से क्रॉस का निशान बनाया गया है।

पोस्टर पर लिखा गया है, “न प्रभु राम तुम्हारे हैं, न श्रीकृष्ण हमारे हैं, राम-कृष्ण तो इस संसार के प्यारे हैं, जो इनमें भेद बताए, वो कथावाचक नहीं, ढोंगी-पाखंडी व्यापारी है।”

होर्डिंग पर रुपेश यादव को सपा नेता और सुजीत यादव को राष्ट्रीय सचिव, छात्र सभा के रूप में भी दर्शाया गया है। पोस्टर सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इसको लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

सुजीत यादव ने कथावाचकों पर लगाए आरोप

पोस्टर लगवाने वाले सुजीत यादव का कहना है कि कथा के नाम पर व्यापार करने वाले कुछ लोग देवी-देवताओं को लेकर विवादित बयान दे रहे हैं। उनका आरोप है कि धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के बाद भगवान श्रीराम को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की है।

सुजीत यादव ने कहा कि सनातन धर्म को मानने वाले लोगों को ऐसे कथावाचकों से सावधान रहना चाहिए। उनके मुताबिक, धार्मिक कथाओं के माध्यम से समाज को जोड़ने का काम होना चाहिए, न कि देवी-देवताओं के बीच भेदभाव की बात करके लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई जानी चाहिए।

हालांकि, पोस्टर में लगाए गए आरोप संबंधित पक्ष के दावे हैं और इन पर धीरेंद्र शास्त्री की प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है।

29 अक्टूबर की टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, यह पूरा विवाद 29 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के शिवपुरी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था। बताया गया कि उन्होंने एक धार्मिक प्रसंग के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम की तुलना करते हुए श्रीकृष्ण के लिए ‘टेढ़ा’ शब्द का इस्तेमाल किया था।

इस टिप्पणी के सामने आने के बाद अयोध्या और मथुरा सहित कई स्थानों पर विरोध की आवाज उठी। मथुरा के संतों ने भी इस तरह की तुलना पर आपत्ति जताते हुए भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण को एक ही परमात्मा के अलग-अलग स्वरूप बताया।

अखिलेश यादव भी उठा चुके हैं कार्रवाई की मांग

विवाद ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मामले में कार्रवाई की मांग उठाई थी। उन्होंने कथित विवादित टिप्पणी करने वालों का बहिष्कार करने की अपील की थी।

अब लखनऊ में सपा मुख्यालय के बाहर लगे इन होर्डिंग ने विवाद को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। फिलहाल सोशल मीडिया पर पोस्टरों को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि धीरेंद्र शास्त्री इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और राजनीतिक व धार्मिक संगठनों की ओर से आगे क्या रुख अपनाया जाता है।

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