जापान के उत्तरी हिस्सों में सोमवार देर रात एक बार फिर धरती जोर से हिली। होक्काइडो और तोहोकू क्षेत्रों में 6.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिसके बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने प्रशांत तट के लिए सुनामी का अलर्ट जारी कर दिया। यह अलर्ट उसी 7.5 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद आया है, जिसने सोमवार रात पूरे उत्तर जापान को हिला दिया था और 34 से अधिक लोग घायल हुए थे।
कहां और कब आया भूकंप?
जापानी अधिकारियों के मुताबिक भूकंप रात 11:15 बजे, प्रशांत महासागर में आओमोरी तट से लगभग 80 किलोमीटर दूर आया।
यह भूंकप शर्मनाक आफ्टरशॉक्स की श्रृंखला का हिस्सा माना जा रहा है, जो पिछले 7.5 मैग्नीट्यूड के बड़े भूकंप के बाद जारी हैं।
जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने कहा कि—
“नुकसान का आकलन जारी है। राहत और बचाव टीमें पूरी सक्रियता से काम कर रही हैं। लोगों की जान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
सुनामी अलर्ट — 70 सेंटीमीटर तक उठीं लहरें
JMA के अनुसार—
- इवाते प्रांत के कुजी बंदरगाह पर 70 सेंटीमीटर (2 फीट 4 इंच) ऊंची सुनामी लहरें टकराईं
- आसपास के तटीय इलाकों में 50 सेंटीमीटर तक की लहरें दर्ज
- स्थानीय सीप पालन बेड़ों को मामूली नुकसान
एनएचके की रिपोर्ट में बताया गया कि तटीय कस्बों में लोग रात में ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने लगे, जिससे प्रशासन को तेजी से रेस्क्यू और अलर्ट सिस्टम सक्रिय करना पड़ा।
बिजली गुल, ट्रेनें रोकी गईं—पर हालात सुधर रहे हैं
मुख्य कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा ने बताया—
- लगभग 800 घरों की बिजली कुछ समय के लिए गुल
- एहतियात के तौर पर शिंकांसेन (बुलेट ट्रेन) और कई स्थानीय रेल सेवाएँ बंद
- बाद में बुलेट ट्रेन सेवाएँ बहाल
- तोहोकू इलेक्ट्रिक पावर कंपनी ने बताया कि—अधिकांश घरों में बिजली बहाल कर दी गई है
आसपास के स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में भी सुबह सतर्कता बढ़ा दी गई।
आने वाले दिनों में भी खतरा—JMA की चेतावनी
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने कहा कि:
- आने वाले दिनों में आफ्टरशॉक्स जारी रह सकते हैं
- उत्तरपूर्वी जापान (चिबा से होक्काइडो तक) में 8 मैग्नीट्यूड तक के भूकंप की संभावना में हल्की वृद्धि
- यह प्रेडिक्शन नहीं, सिर्फ सुरक्षा चेतावनी है
- प्रभावित क्षेत्रों की 182 नगरपालिकाओं को सतर्क रहने और आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा की सलाह दी गई है
निष्कर्ष
जापान एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चुनौती का सामना कर रहा है। भूकंप के चलते तटीय क्षेत्रों में सुनामी चेतावनी, बिजली संकट और रेल सेवाओं में व्यवधान जैसी स्थितियाँ बनीं, लेकिन राहत यह है कि प्रशासन तेजी से सामान्य स्थिति बहाल करने में जुटा है।
अगले कुछ दिनों तक क्षेत्र में सतर्कता बेहद जरूरी है।