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Trump Gold Card लॉन्च करते ही भारतीय टैलेंट पर बोले ट्रंप, उधर पीएम मोदी ने तुरंत किया वॉशिंगटन कॉल — जानें, पूरी बातचीत में क्या-क्या हुआ

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए ‘ट्रंप गोल्ड कार्ड’ लॉन्च के तुरंत बाद भारतीय टैलेंट पर दिए बयान ने वैश्विक सुर्खियाँ बटोरीं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप के बीच हुई टेलीफोन वार्ता ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को नई गति दी। दोनों नेताओं ने रक्षा, ऊर्जा, हाई-टेक और व्यापार जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की और 21वीं सदी की साझेदारी को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।

मोदी-ट्रंप बातचीत: रणनीतिक साझेदारी पर फोकस

टेलीफोन बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति पर संतोष जताया।
मुख्य बिंदु:

  • द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर जोर
  • ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा सहयोग विस्तार पर चर्चा
  • महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और नवाचार में नए अवसर
  • 21वीं सदी के लिए India-US Compact को लागू करने की दिशा में ठोस कदम
    दोनों ने सहमति जताई कि साझा वैश्विक चुनौतियों से निपटने में भारत और अमेरिका का करीबी सहयोग महत्वपूर्ण है।

इसके साथ ही दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से निरंतर संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।

‘ट्रंप गोल्ड कार्ड’ क्या है?

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में ‘ट्रंप गोल्ड कार्ड’ कार्यक्रम लॉन्च किया—

  • यह 10 लाख डॉलर का प्रीमियम वीजा प्रोग्राम है
  • कंपनियों को उच्च कौशल वाले विदेशी छात्रों को नियुक्त करने और अमेरिका में बनाए रखने की अनुमति
  • अमेरिकी नागरिकता का मार्ग खोलता है
  • विशेष रूप से व्हार्टन, हार्वर्ड, एमआईटी जैसे शीर्ष विश्वविद्यालयों के टैलेंट को रोकने का लक्ष्य

ट्रंप ने इस दौरान भारतीय छात्रों और पेशेवरों की जमकर तारीफ की।
उन्होंने कहा—
“भारत, चीन और फ्रांस से आने वाले असाधारण लोग स्नातक के बाद वापस लौटने को मजबूर होते हैं। यह देश के लिए नुकसान है—एक शर्मनाक बात है। हम इसे बदलने जा रहे हैं।”

इस कार्यक्रम के लॉन्च इवेंट में IBM के भारतीय मूल के सीईओ अरविंद कृष्णा और Dell Technologies के माइकल डेल भी मौजूद थे।

ट्रंप के बयान के बाद क्यों अहम था मोदी-ट्रंप कॉल?

ट्रंप गोल्ड कार्ड के बाद अमेरिकी टेक सेक्टर में भारतीय प्रतिभा के महत्व पर नई चर्चा शुरू हो गई है। भारत और अमेरिका दोनों के लिए—

  • हाई-स्किल्ड टैलेंट की गतिशीलता
  • टेक्नोलॉजी साझेदारी
  • रक्षा और सुरक्षा सहयोग
    काफी अहम हो जाते हैं।
    मोदी और ट्रंप की यह बातचीत इसी रणनीतिक समय में हुई, जिससे दोनों देशों की साझेदारी को नई दिशा मिल सकती है।

निष्कर्ष

ट्रंप गोल्ड कार्ड लॉन्च और भारतीय टैलेंट की प्रशंसा से अमेरिका की नई वीजा और इमिग्रेशन रणनीति का संकेत मिलता है। वहीं, पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की बातचीत दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने की मजबूत मंशा दर्शाती है।
भारत-अमेरिका की साझेदारी रक्षा, टेक्नोलॉजी और व्यापार क्षेत्रों में आने वाले महीनों में और गहरी होती नजर आएगी।

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