सीजफायर पर ईरान का सख्त रुख
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच Iran ने सीजफायर और बातचीत को लेकर साफ इनकार कर दिया है। Abbas Araghchi ने स्पष्ट कहा है कि जब तक ठोस और विश्वसनीय सुरक्षा गारंटी नहीं मिलती, तब तक न तो सीजफायर होगा और न ही किसी तरह की बातचीत।
अमेरिका-इजराइल पर सीधा आरोप
ईरान ने United States और Israel पर “अनावश्यक आक्रामकता” का आरोप लगाया है। विदेश मंत्री ने कहा कि मौजूदा स्थिति में ईरान की नीति “प्रतिरोध” की है और वह अपने दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय गारंटी पूरी तरह भरोसेमंद नहीं होतीं, इसलिए ईरान अपनी सुरक्षा खुद सुनिश्चित करेगा।
जवाबी हमलों का दावा
Abbas Araghchi ने दावा किया कि ईरान ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ अब तक 81 बार जवाबी हमले किए हैं। उनका कहना है कि यह कार्रवाई देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए जरूरी थी।
उन्होंने इसे ईरान के सैन्य इतिहास का “सुनहरा पल” भी बताया।
बिना गारंटी नहीं होगा सीजफायर
ईरान का कहना है कि बिना मजबूत गारंटी के सीजफायर केवल युद्ध को दोहराने का रास्ता बनेगा। विदेश मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि दुश्मन को ऐसा सबक मिलना चाहिए कि वह भविष्य में ईरान पर हमला करने के बारे में सोच भी न सके।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई भी जरूरी है।
क्षेत्रीय देशों की बढ़ी सक्रियता
ईरान ने बताया कि कई क्षेत्रीय देशों के विदेश मंत्रियों ने तेहरान से संपर्क किया है और स्थिति को शांत करने की कोशिशें जारी हैं। हालांकि, ईरान अपने रुख पर कायम है और किसी भी दबाव में आने को तैयार नहीं है।
नए खतरे की चेतावनी
इस बीच Mohammad Bagher Ghalibaf ने चेतावनी दी है कि दुश्मन देश ईरान के एक द्वीप पर कब्जा करने की योजना बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कोई कदम उठाया गया तो ईरान बिना रुके जवाबी कार्रवाई करेगा और संबंधित देश के महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।