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F-15E के दोनों पायलट सुरक्षित: दुश्मन के इलाके से अमेरिका का सबसे खतरनाक रेस्क्यू ऑपरेशन!

वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। 3 अप्रैल को ईरान द्वारा मार गिराए गए अमेरिकी लड़ाकू विमान F-15E Strike Eagle के दोनों पायलटों को आखिरकार सुरक्षित बचा लिया गया है। इस मिशन को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने “इतिहास के सबसे साहसी और खतरनाक रेस्क्यू ऑपरेशनों में से एक” बताया है।

कैसे गिराया गया F-15E?

3 अप्रैल को ईरानी वायु रक्षा प्रणाली ने अमेरिकी एयरफोर्स के अत्याधुनिक F-15E फाइटर जेट को निशाना बनाते हुए मार गिराया। इस विमान में दो पायलट सवार थे। घटना के तुरंत बाद अमेरिकी सेना ने दुश्मन के इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

पहले पायलट को उसी दिन सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन दूसरा पायलट पहाड़ी और दुर्गम इलाके में फंस गया था, जहां हर पल खतरा बना हुआ था।

दो दिन तक चला हाई-रिस्क ऑपरेशन

लापता पायलट को खोजने के लिए अमेरिकी सेना ने 48 घंटे तक लगातार ऑपरेशन चलाया। इस दौरान कई बार ईरानी बलों के साथ मुठभेड़ और गोलीबारी भी हुई। अंततः विशेष रेस्क्यू टीम ने दुश्मन के इलाके में घुसकर पायलट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

सूत्रों के मुताबिक, इस ऑपरेशन में दर्जनों लड़ाकू विमान और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया।

ट्रंप ने बताया पूरा ऑपरेशन

राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि यह मिशन बेहद खतरनाक परिस्थितियों में पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि पायलट “ईरान के पहाड़ों में दुश्मनों से घिरा हुआ था और हर घंटे खतरा बढ़ रहा था।”

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका अपने किसी भी सैनिक को कभी अकेला नहीं छोड़ता और यह मिशन उसी प्रतिबद्धता का उदाहरण है।

ईरान भी कर रहा था तलाश

दिलचस्प बात यह है कि लापता पायलट की तलाश केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि ईरान भी कर रहा था। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने पायलट की जानकारी देने वालों के लिए इनाम की घोषणा की थी और स्थानीय कबीलाई लोगों को भी खोज अभियान में शामिल किया गया था।

जंग में पहली बड़ी एयर लॉस

28 फरवरी से जारी संघर्ष में यह पहला मौका था जब अमेरिका का इतना महंगा और एडवांस फाइटर जेट मार गिराया गया। F-15E की कीमत लगभग 31 मिलियन डॉलर (करीब 289 करोड़ रुपये) बताई जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना अमेरिका-ईरान तनाव को और बढ़ा सकती है और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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