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FCRA बिल पर संसद में महासंग्राम, कांग्रेस ने जारी किया 3 लाइन का व्हिप; अमित शाह संभालेंगे मोर्चा?

नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दिनों में FCRA संशोधन बिल 2026 को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ने के आसार हैं। विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम यानी FCRA में प्रस्तावित बदलावों को लेकर विपक्ष ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस ने अपने लोकसभा सांसदों को 10, 11 और 12 अगस्त को सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है।

रिपोर्टों के मुताबिक सरकार मॉनसून सत्र के दौरान FCRA संशोधन विधेयक को संसद में आगे बढ़ाने की तैयारी में है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बिल पर चर्चा का जवाब देने की संभावना ने राजनीतिक हलचल और बढ़ा दी है।

कांग्रेस ने सांसदों को क्यों जारी किया व्हिप?

कांग्रेस ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को तीन दिनों तक सदन में मौजूद रहने का निर्देश दिया है। पार्टी ने अपने सांसदों को 10 से 12 अगस्त तक संसद में उपस्थित रहने को कहा है। कांग्रेस ने अपने सहयोगी दलों से भी अपने सांसदों की मौजूदगी सुनिश्चित करने की अपील की है।

दरअसल, विपक्ष को आशंका है कि FCRA संशोधन बिल पर सरकार इस सत्र में आगे बढ़ सकती है। ऐसे में कांग्रेस किसी भी महत्वपूर्ण चर्चा या मतदान के दौरान अपने सांसदों की संख्या को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।

FCRA बिल पर विपक्ष क्यों है आक्रामक?

FCRA यानी Foreign Contribution Regulation Act भारत में विदेशी चंदे और विदेशी योगदान को नियंत्रित करने वाला कानून है। प्रस्तावित संशोधनों को लेकर कई विपक्षी दल और कुछ संगठन सवाल उठा रहे हैं।

खास तौर पर FCRA रजिस्ट्रेशन खत्म होने वाले संगठनों की संपत्तियों और उनके प्रबंधन से जुड़े संभावित प्रावधानों को लेकर चिंता जताई गई है। हालांकि, सरकार की ओर से संकेत दिया गया है कि कानून में किसी तरह का दंडात्मक पूर्वव्यापी यानी रेट्रोस्पेक्टिव प्रावधान नहीं होगा।

अमित शाह की मौजूदगी को लेकर विपक्ष की मांग

FCRA बिल गृह मंत्रालय से जुड़ा होने के कारण विपक्ष चाहता है कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में मौजूद रहें और सरकार की ओर से इस मुद्दे पर जवाब दें।

विपक्ष पहले से ही संसद में अमित शाह की मौजूदगी और कुछ अन्य मुद्दों पर बयान की मांग करता रहा है। इस वजह से मॉनसून सत्र में कई बार हंगामा और कार्यवाही बाधित हुई है।

सपा और INDIA ब्लॉक भी तैयार

कांग्रेस के अलावा विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के अन्य दल भी FCRA बिल को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं। समाजवादी पार्टी ने विपक्ष के सामूहिक एजेंडे के साथ खड़े रहने की बात कही है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस की ओर से भी अपने सांसदों को सदन में मौजूद रहने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है।

ऐसे में आने वाले दिनों में संसद के अंदर सरकार और विपक्ष के बीच FCRA बिल को लेकर जोरदार बहस देखने को मिल सकती है।

सरकार का क्या है रुख?

केंद्र सरकार FCRA व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में बदलाव की तैयारी कर रही है। सरकार की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि प्रस्तावित कानून को पिछली तारीख से लागू करने वाला प्रावधान नहीं होगा। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने भी अमित शाह से मुलाकात के बाद ऐसे आश्वासन की जानकारी दी थी।

13 अगस्त को खत्म होना है मॉनसून सत्र

संसद का मौजूदा मॉनसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त होने वाला है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने फिलहाल सत्र की अवधि बढ़ाने की कोई योजना नहीं होने की बात कही है। ऐसे में आखिरी दिनों में FCRA बिल समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

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