बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक गुड्डू पंडित और उनकी पत्नी अर्चना पांडा से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दोनों के बीच कथित तौर पर मारपीट होती दिखाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
वायरल वीडियो में क्या दिखाई दे रहा है?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में अर्चना पांडा जमीन पर गिरी हुई नजर आती हैं, जबकि गुड्डू पंडित उनके साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में आगे अर्चना पांडा भी झाड़ू से गुड्डू पंडित को मारती नजर आती हैं। इसके बाद वह कमरे से बाहर निकलती हैं और नाराजगी जाहिर करती दिखाई देती हैं।
बताया जा रहा है कि यह घटना 2 सितंबर 2026 की है, हालांकि वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चर्चा में आया है। वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि यहां नहीं की जा रही है।
कौन हैं अर्चना पांडा और गुड्डू पंडित?
अर्चना पांडा कांग्रेस पार्टी से जुड़ी नेता हैं और कांग्रेस महिला संगठन में प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर होने की जानकारी सामने आई है। वहीं गुड्डू पंडित समाजवादी पार्टी से जुड़े पूर्व विधायक हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों ही आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में सक्रिय हैं।
दोनों के राजनीतिक रूप से अलग-अलग दलों से जुड़े होने के कारण भी यह मामला चर्चा में है। हालांकि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही घटना के वास्तविक कारणों को लेकर अभी पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
पहले भी विवादों में रहे हैं गुड्डू पंडित
गुड्डू पंडित इससे पहले भी विवादों में रह चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2023 में बुलंदशहर के अनूपशहर स्थित विशेष MP-MLA कोर्ट ने वर्ष 2011 से जुड़े एक मामले में उन्हें दोषी ठहराते हुए 14 महीने की सजा सुनाई थी।
यह मामला एक चुनावी विवाद से जुड़ा था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उन्हें चुनाव नहीं लड़ने के लिए दबाव बनाया गया और धमकी दी गई। मामले में शिकायतकर्ता की ओर से कथित फोन कॉल की रिकॉर्डिंग को भी साक्ष्य के तौर पर पेश किया गया था।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी चर्चा
गुड्डू पंडित और अर्चना पांडा से जुड़े इस कथित मारपीट के वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि घटना के पीछे की वजह और पूरे विवाद की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर संबंधित पक्षों का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
ऐसे मामलों में वायरल वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय पुलिस या संबंधित पक्षों की आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है। मामला सामने आने के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि इस विवाद में आगे क्या कार्रवाई होती है।