उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग न्यूज़राजनीती ब्रेकिंग न्यूज़

राज्यसभा प्रत्याशियों के चयन पर मायावती ने अखिलेश यादव को घेरा, PDA को लेकर उठाए सवाल, परिवारवाद और पूंजीपतियों का लगाया आरोप!

लखनऊ | 2 अक्टूबर 2026

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) की ओर से राज्यसभा प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जाने के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। मायावती ने सपा के प्रत्याशियों के चयन पर सवाल उठाते हुए परिवारवाद और धनबल को लेकर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि सपा खुद को PDA की राजनीति से जोड़ती है, तो उसके राज्यसभा प्रत्याशियों के चयन में इस वर्ग की भागीदारी कितनी है।

राज्यसभा प्रत्याशियों के नाम पर मायावती की प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव और गुजरात के उद्योगपति धनराज परिमल नाथवानी को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इन नामों को लेकर मायावती ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए।

मायावती का आरोप है कि सपा चुनाव के दौरान पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) वर्गों के समर्थन की बात करती है, लेकिन प्रत्याशियों के चयन में परिवार के सदस्यों और बड़े उद्योगपतियों को प्राथमिकता देती है। उन्होंने इसे सपा की घोषित राजनीतिक विचारधारा और प्रत्याशी चयन के बीच अंतर बताते हुए आलोचना की।

परिवारवाद और धनबल को लेकर साधा निशाना

मायावती ने अपने बयान में कहा कि बसपा छोटे-बड़े चुनावों में अपने परिवार, सगे-संबंधियों और करीबी रिश्तेदारों को टिकट देने की नीति नहीं अपनाती। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी गरीब, मध्यम वर्ग और कमजोर तबकों से आने वाले मेहनती अंबेडकरवादी कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार बनाने पर जोर देती है।

बसपा प्रमुख ने सपा पर इसके विपरीत परिवारवाद और बड़े पूंजीपतियों को चुनावी राजनीति में अवसर देने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, सपा को चुनावों में PDA वर्गों का समर्थन चाहिए, लेकिन राज्यसभा जैसे महत्वपूर्ण चुनावों में प्रत्याशियों के चयन को लेकर अलग दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है। ये मायावती के राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर सपा की ओर से प्रतिक्रिया को अलग से देखा जाना जरूरी है।

रामगोपाल यादव और धनराज नाथवानी के चयन पर सवाल

मायावती ने सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव को दोबारा राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने पर भी टिप्पणी की। उन्होंने रामगोपाल यादव को सपा प्रमुख अखिलेश यादव का करीबी रिश्तेदार बताते हुए इसे परिवारवाद से जोड़कर देखा।

वहीं, धनराज परिमल नाथवानी को प्रत्याशी बनाए जाने पर मायावती ने उनके उद्योग जगत से जुड़े होने का मुद्दा उठाया। धनराज नाथवानी कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े हैं और रिलायंस इंडस्ट्रीज में वरिष्ठ पद पर कार्यरत रहे हैं। उनकी उम्मीदवारी को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा हो रही है।

संभावित तीसरे उम्मीदवार को लेकर भी कसा तंज

मायावती ने सपा के संभावित तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने आशंका जताई कि तीसरा प्रत्याशी चुनावी रणनीति के तहत केवल राजनीतिक संदेश देने या अपनी स्थिति स्पष्ट करने के उद्देश्य से उतारा जा सकता है। हालांकि, सपा की ओर से रामगोपाल यादव और धनराज नाथवानी के नामों की घोषणा की गई थी और तीसरे उम्मीदवार को लेकर मायावती की टिप्पणी एक राजनीतिक अनुमान थी।

2027 के विधानसभा चुनाव से भी जोड़ा बयान

बसपा प्रमुख ने अपने बयान में आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने दलित, आदिवासी, अति-पिछड़े, मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक वर्गों के साथ-साथ गरीब सवर्ण समाज के लोगों से बसपा से जुड़ने की अपील की।

राज्यसभा प्रत्याशियों के चयन को लेकर मायावती की इस प्रतिक्रिया से उत्तर प्रदेश में PDA, सामाजिक प्रतिनिधित्व, परिवारवाद और राजनीतिक दलों की प्रत्याशी चयन प्रक्रिया को लेकर बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सपा की प्रतिक्रिया और अन्य राजनीतिक दलों के बयान भी महत्वपूर्ण रहेंगे।

Related posts

मुरादाबाद में ओवैसी का सपा और भाजपा पर तीखा हमला, बोले- ‘अगर अखिलेश यादव कुर्सी पर बैठेगा तो हम भी बराबरी से हक की बात करेंगे’!

News Author

SIR को लेकर ओवैसी का बड़ा बयान, बोले- ‘इसे गंभीरता से लें, यह जीवन-मरण का सवाल’!

News Author

Lucknow Bulldozer Action: लखनऊ में 240 अवैध चैंबरों पर चला बुलडोजर, वकीलों पर लाठीचार्ज से हंगामा!

News Author

Leave a Comment