रामगंगा नदी किनारे मौत को दावत देती 200 फीट ऊंची टंकी—युवाओं का नया ‘सेल्फी स्पॉट’
मुरादाबाद में रामगंगा नदी किनारे स्थित करीब 200 फीट ऊंची पानी की टंकी इन दिनों चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गई है। जिस टंकी का निर्माण जल आपूर्ति व्यवस्था के लिए हुआ था, वह अब युवाओं के लिए एक खतरनाक सेल्फी प्वाइंट बन चुकी है।
हर दिन यहां दर्जनों युवक बिना सुरक्षा के टंकी पर चढ़कर सेल्फी और वीडियो शूट करते हैं, जिससे किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है।

सिविल लाइन थाना क्षेत्र की चक्कर की मिलक में बनी ‘मौत की टंकी’
यह टंकी सिविल लाइन थाना क्षेत्र के चक्कर की मिलक में स्थित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से यहां युवा लगातार पहुंच रहे हैं और टंकी पर चढ़कर इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स और रोमांचक वीडियो बना रहे हैं।
200 फीट की ऊंचाई पर:
- कोई सुरक्षा दीवार नहीं
- कोई उचित बैरिकेड नहीं
- टंकी पर चढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा गार्ड भी नहीं
ऐसे में जरा-सी गलत कदम भी जानलेवा साबित हो सकता है।
किसी भी दिन हो सकता है बड़ा हादसा—स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले भी कुछ युवक फिसलकर बच-बचकर नीचे उतरे हैं।
लोगों की मांग है:
- टंकी के आसपास बैरिकेड लगाए जाएं
- रात में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए
- प्रवेश पर पाबंदी लगाई जाए
- टंकी के चारों ओर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं

लोगों का कहना है—
“हर दिन दर्जनों युवा यहां चढ़ते हैं, कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन को तुरंत कदम उठाने चाहिए।”
प्रशासन की अनदेखी पर सवाल
टंकी पर लगातार बढ़ती भीड़ और सोशल मीडिया ट्रेंड के बावजूद अभी तक प्रशासन की ओर से पुख्ता कार्रवाई नहीं हुई है।
सवाल यह है कि:
- क्या प्रशासन खतरे को नजरअंदाज कर रहा है?
- क्या कोई हादसा होने के बाद ही चेत जागेगी?
- क्या इस टंकी को सुरक्षित करने के लिए कोई प्लान है?
बढ़ती शिकायतों के बाद उम्मीद है कि नगर निगम और पुलिस विभाग जल्द कार्रवाई करे।
क्यों बढ़ रहा है ‘सेल्फी का खतरा’
विशेषज्ञों के अनुसार युवाओं में सोशल मीडिया की लोकप्रियता के कारण ऊंचे स्थानों पर सेल्फी लेना एक ट्रेंड बन चुका है। लेकिन ऐसे स्थान:
- बिना सुरक्षा
- जोखिम भरे
- अनियंत्रित
होने के कारण हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
भारत में सेल्फी से जुड़े हादसे हर साल तेज़ी से बढ़ रहे हैं और मुरादाबाद की यह टंकी भी उसी खतरे का हिस्सा बन गई है।