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लोकसभा में गरमाई सियासत: राहुल गांधी का अमित शाह को डिबेट चैलेंज, गृहमंत्री बोले– ‘मैं तय करूंगा मुझे क्या बोलना है’

नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को चुनाव सुधार (Election Reforms) और SIR मुद्दे पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बीच तीखी बहस देखने को मिली। राहुल गांधी ने अमित शाह को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर ओपन डिबेट का चैलेंज दिया, जिसका शाह ने कड़े शब्दों में जवाब देते हुए कहा—“मैं 30 साल से सदन में चुनकर आ रहा हूं, मेरे बोलने का क्रम मैं तय करूंगा, आप नहीं।”

इस पर राहुल गांधी ने कहा कि शाह का जवाब “डरा और घबराया हुआ” है। बहस के दौरान सदन में 7 बार से अधिक हंगामा हुआ और आखिरकार कांग्रेस सांसदों ने वॉकआउट कर दिया।

राहुल गांधी–अमित शाह के बीच क्या हुई बहस?

राहुल गांधी का चैलेंज

राहुल ने अपनी सीट से खड़े होकर कहा—
“शाह जी, मैं आपको चैलेंज करता हूं। मेरी वोट चोरी वाली 3 प्रेस कॉन्फ्रेंस पर आप डिबेट करें।”

अमित शाह का जवाब

गृहमंत्री ने सख्त लहजे में कहा—
“मैं अपने भाषण का क्रम खुद तय करूंगा। आपके उकसावे में नहीं आऊंगा। 30 साल के राजनीतिक जीवन में ऐसा कभी नहीं हुआ।”

राहुल ने पलटकर कहा—
“ये डरा हुआ, घबराया हुआ रिस्पॉन्स है।”

अमित शाह ने अपने भाषण में क्या कहा? (1.5 घंटे की स्पीच के मुख्य बिंदु)

गृहमंत्री ने चुनाव सुधार, EVM, मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति, नेहरू–इंदिरा के दौर, बंगाल की राजनीति और बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे मुद्दों पर बोलते हुए राहुल गांधी के सभी सवालों के जवाब दिए।

राहुल गांधी के 3 बड़े सवाल—और अमित शाह के जवाब

1. चुनाव आयुक्त की नियुक्ति में CJI को क्यों हटाया गया?

शाह का जवाब:

  • 73 साल तक चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए कोई कानून नहीं था।
  • 1950–2023 तक PM सीधे चुनाव आयुक्त नियुक्त करते थे।
  • सुप्रीम कोर्ट ने पारदर्शिता की सलाह दी, इसलिए नया कानून लाया गया।
  • किसी भी प्रकार की नई ‘इम्युनिटी’ नहीं दी गई।

2. CCTV फुटेज 45 दिन बाद क्यों डिलीट किए जाते हैं?

शाह का जवाब:

  • जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1991 के अनुसार 45 दिनों में कोई चुनौती न आए तो रिकॉर्ड रखने की बाध्यता नहीं।
  • CCTV संवैधानिक दस्तावेज नहीं है।
  • कोई भी व्यक्ति 45 दिनों के भीतर अदालत से यह फुटेज मांग सकता है।

3. चुनाव आयुक्त को दंडित न करने वाला प्रावधान क्यों लाया गया?

शाह का जवाब:

  • यह आरोप गलत है।
  • 1951 और 2023—दोनों कानूनों में यह प्रावधान पहले से मौजूद है।
  • क्रिकेट में अंपायर को इम्युनिटी होती है, उसी तरह चुनाव आयोग की निष्पक्षता सुनिश्चित की जाती है।

अमित शाह की स्पीच की 3 बड़ी बातें

1. RSS विचारधारा वाले VC पर कोई रोक नहीं

शाह बोले—
“RSS की विचारधारा देशभक्ति की है। कोई कानून नहीं कहता कि किस विचारधारा वाला VC बनेगा।”

2. कांग्रेस ने देशहित के हर मुद्दे का विरोध किया

उन्होंने कहा—

  • सर्जिकल स्ट्राइक
  • राम मंदिर
  • CAA
  • ट्रिपल तलाक
  • वन नेशन वन इलेक्शन
    जैसे मुद्दों पर कांग्रेस के विरोध ने NDA को मजबूत किया।

3. देश के बंटवारे की पुनरावृत्ति नहीं चाहते

  • भारत–बांग्लादेश सीमा 2216 KM में से 1653 KM बन चुकी है।
  • सिर्फ बंगाल में 563 KM काम बाकी।
  • घुसपैठ सबसे बड़ा खतरा–देश के भविष्य के लिए चुनौती।

निष्कर्ष

लोकसभा की कार्यवाही में बुधवार का दिन पूरी तरह राहुल गांधी और अमित शाह की भिड़ंत के नाम रहा।

  • एक तरफ राहुल ने शाह को डिबेट के लिए ओपन चैलेंज दिया,
  • वहीं शाह ने चुनाव सुधारों, EVM से लेकर CEC नियुक्ति तक हर मुद्दे पर विस्तार से जवाब दिया।

अंततः हंगामे के बीच कांग्रेस वॉकआउट कर गई, लेकिन सदन में हुई इस बहस ने चुनावी मौसम में नई सियासी गर्मी भर दी है।

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