वॉशिंगटन | 9 जनवरी 2026
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाते हुए ऐसा बयान दिया है, जिससे पूरी दुनिया चौंक गई है। ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ समुद्री हमलों के बाद अब ट्रंप ने मैक्सिको में जमीनी सैन्य कार्रवाई का ऐलान कर दिया है। इस बयान के बाद अमेरिका और मैक्सिको के रिश्तों में जबरदस्त तनाव देखने को मिल रहा है।
“अब जमीन पर वार होगा” – ट्रंप का बड़ा ऐलान
फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा,
“अब हम जमीन पर हमले शुरू करने जा रहे हैं। ड्रग कार्टेल्स आज मैक्सिको चला रहे हैं।”
ट्रंप के इस बयान का सीधा मतलब है कि अमेरिका अब ड्रग्स के नाम पर मैक्सिको की धरती पर सैन्य ऑपरेशन करने पर विचार कर रहा है। ट्रंप का यह रुख अमेरिका की पारंपरिक कूटनीति से कहीं ज्यादा आक्रामक माना जा रहा है।
समुद्र के बाद अब जमीनी जंग की तैयारी
बीते कुछ महीनों में अमेरिका ने पूर्वी प्रशांत महासागर और कैरेबियन सागर में ड्रग तस्करी से जुड़े जहाजों पर हमले किए हैं। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि सितंबर 2025 से अब तक इन अभियानों में 100 से ज्यादा लोग मारे गए और कई ड्रग नेटवर्क ध्वस्त किए गए।
अब ट्रंप का कहना है कि समुद्र में कार्रवाई काफी नहीं है और असली लड़ाई जमीन पर लड़ी जाएगी।
मैक्सिको ने अमेरिकी सेना की एंट्री से किया इनकार
ट्रंप के इस ऐलान के बाद मैक्सिको सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मैक्सिको ने साफ कहा है कि वह अपने देश में अमेरिकी सैनिकों की एंट्री की इजाजत नहीं देगा। इससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच राजनयिक टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है।
वेनेजुएला ऑपरेशन के बाद और आक्रामक हुआ अमेरिका
गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिका ने एक सैन्य ऑपरेशन के जरिए वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क लाया था। उस कार्रवाई के बाद ट्रंप ने पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिकी वर्चस्व की खुलकर बात की थी।
विशेषज्ञ मानते हैं कि मैक्सिको के खिलाफ यह बयान उसी नीति का विस्तार है, जिसे अमेरिका की नई ‘मिलिट्री डॉक्ट्रिन’ के रूप में देखा जा रहा है।
लैटिन अमेरिका में बढ़ेगा सैन्य तनाव?
अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि अगर अमेरिका ने मैक्सिको में जमीनी कार्रवाई की, तो इससे लैटिन अमेरिका में अस्थिरता और अमेरिका विरोधी भावनाएं और तेज हो सकती हैं। ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ लड़ाई के नाम पर किसी संप्रभु देश में सैन्य दखल वैश्विक विवाद को जन्म दे सकता है।