नई दिल्ली।
यूनियन बजट 2026 से पहले देशभर के करोड़ों टैक्सपेयर्स की निगाहें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर टिकी हुई हैं। 1 फरवरी को संसद में पेश होने वाले इस बजट से एक बार फिर उम्मीद की जा रही है कि सरकार नौकरीपेशा और मिडिल क्लास को इनकम टैक्स में राहत दे सकती है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बार टैक्स स्लैब बदले जाएंगे या छूट की सीमा बढ़ाई जाएगी?
टैक्सपेयर्स के लिए क्यों खास है बजट 2026?
हर साल फरवरी का महीना टैक्सपेयर्स के लिए अहम होता है, लेकिन इस बार उत्सुकता इसलिए ज्यादा है क्योंकि
- महंगाई का दबाव बना हुआ है
- मिडिल क्लास की खर्च करने की क्षमता प्रभावित हुई है
- नई टैक्स रीजीम को लेकर अभी भी कई सवाल हैं
ऐसे में टैक्सपेयर्स सरकार से सीधी राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
नई टैक्स रीजीम पर सरकार का लगातार फोकस
पिछले कुछ वर्षों से सरकार इनकम टैक्स सिस्टम को सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर दे रही है।
यूनियन बजट 2020 में शुरू की गई नई टैक्स रीजीम का उद्देश्य था कि टैक्सपेयर्स को
- कम टैक्स रेट
- कम जटिलताएं
- बिना ज्यादा निवेश प्लानिंग के राहत
मिल सके। सरकार ने समय-समय पर नई रीजीम को ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए बदलाव भी किए हैं।
बजट 2025 में मिला था बड़ा टैक्स तोहफा
पिछले साल के बजट को टैक्सपेयर्स के लिए टर्निंग पॉइंट माना गया था। बजट 2025 में:
- नई टैक्स रीजीम के तहत 12 लाख रुपये तक की सालाना आय टैक्स फ्री की गई
- बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दी गई
- नौकरीपेशा लोगों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन 75,000 रुपये पहले ही लागू किया जा चुका है
इससे सैलरी क्लास को सीधी और बड़ी राहत मिली थी।
1 अप्रैल से लागू होगा नया इनकम टैक्स एक्ट
बजट 2026 से पहले एक और बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है।
इनकम टैक्स एक्ट, 2025
- 1 अप्रैल से प्रभावी होगा
- पुराने इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की जगह लेगा
हालांकि इसमें टैक्स स्लैब या रेट्स में बड़ा बदलाव नहीं है, लेकिन नियमों को
- सरल
- स्पष्ट
- आम आदमी के लिए समझने योग्य
बनाने पर खास ध्यान दिया गया है।
⚙️ टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन हो सकता है बजट का बड़ा फोकस
टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार बजट में:
- रिटर्न प्रोसेसिंग तेज करने
- रिफंड में देरी खत्म करने
- टैक्स विवादों के समाधान के लिए नई स्कीम
पर जोर दिया जा सकता है। इससे टैक्सपेयर्स का भरोसा बढ़ेगा और सरकार का टैक्स कलेक्शन भी मजबूत होगा।
क्या नई टैक्स रीजीम में मिलेंगी डिडक्शंस?
फिलहाल नई टैक्स रीजीम में डिडक्शंस सीमित हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार:
- टर्म लाइफ इंश्योरेंस
- हेल्थ इंश्योरेंस
- होम लोन ब्याज
जैसी कुछ अहम छूट नई रीजीम में शामिल कर सकती है। ऐसा हुआ तो टैक्सपेयर्स का झुकाव तेजी से नई रीजीम की ओर बढ़ सकता है।