मुंबई। महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव 2026 के नतीजों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। शुक्रवार सुबह 10 बजे से शुरू हुई मतगणना के शुरुआती रुझानों में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को स्पष्ट बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। रुझानों के अनुसार, बीएमसी में भाजपा की सरकार बनती नजर आ रही है, जबकि लंबे समय से काबिज रही शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को बड़ा झटका लगता दिख रहा है।
बीएमसी चुनाव को ‘मिनी विधानसभा चुनाव’ के तौर पर देखा जा रहा था, क्योंकि यह देश का सबसे अमीर नगर निगम है, जिसका सालाना बजट 74,400 करोड़ रुपये से ज्यादा है। 25 साल से ठाकरे परिवार का गढ़ मानी जाने वाली बीएमसी में इस बार सियासी समीकरण बदलते दिख रहे हैं।
एकनाथ शिंदे बनाम उद्धव ठाकरे: रुझानों में पलड़ा भारी
रुझानों में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट की स्थिति मजबूत नजर आ रही है। वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना-यूबीटी पीछे चल रही है। इस बीच शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के तीखे बयान सामने आने लगे हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया, स्याही विवाद और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई है। राजनीतिक गलियारों में इसे “हार की हताशा” के तौर पर देखा जा रहा है।
मतदान प्रतिशत और अहम आंकड़े
15 जनवरी 2026 को मुंबई सहित महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों में मतदान हुआ था। औसतन 46 से 50 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
- मुंबई में दोपहर 3:30 बजे तक 41.08% मतदान
- सबसे अधिक मतदान: भांडुप वार्ड 114 – 53.34%
- सबसे कम मतदान: कोलाबा वार्ड 227 – 15.73%
2017 में मुंबई में मतदान प्रतिशत 55.53% रहा था, जो इस बार कम दर्ज हुआ।
स्याही विवाद और राजनीतिक आरोप
चुनाव के दौरान अमिट स्याही को लेकर बड़ा विवाद सामने आया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में स्याही के आसानी से मिटने के दावे किए गए, जिस पर विपक्ष ने फर्जी मतदान की आशंका जताई। राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। आयोग ने यह भी साफ किया कि आगामी जिला परिषद चुनावों में पारंपरिक स्याही का इस्तेमाल किया जाएगा।
उद्धव ठाकरे ने इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ बताते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त को निलंबित करने की मांग की। वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरोपों को बेबुनियाद करार दिया।
हिंसा, गड़बड़ी और सुरक्षा
कुछ जगहों पर झड़पों और ईवीएम में तकनीकी खराबी की खबरें आईं, हालांकि अधिकारियों ने समय रहते मशीनें बदलने का दावा किया। शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए मुंबई में 25,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
अब सबकी नजरें फाइनल रिजल्ट पर
रुझानों ने साफ कर दिया है कि बीएमसी की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव है। अगर यही ट्रेंड कायम रहता है, तो भाजपा और शिंदे गुट के लिए यह ऐतिहासिक जीत होगी, जबकि ठाकरे खेमे के लिए यह सबसे बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है। अंतिम नतीजों के साथ ही महाराष्ट्र की नगर राजनीति की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।