मध्य पूर्व में जारी तनाव अब एक बड़े युद्ध का रूप ले चुका है। ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा। ताज़ा घटनाक्रम में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्र को संबोधन खत्म होते ही ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों की बारिश कर दी, जिससे हालात और अधिक गंभीर हो गए।
मिसाइल हमलों से गूंजा इजरायल
ईरान ने इजरायल के मध्य और उत्तरी हिस्सों को निशाना बनाते हुए कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। राजधानी क्षेत्र यरुशलम और आर्थिक केंद्र तेल अवीव समेत कई इलाकों में सायरन बज उठे। नागरिकों को तुरंत बंकरों में जाने के निर्देश दिए गए।
इजरायली सेना के अनुसार, हवाई रक्षा प्रणाली ने तीन अलग-अलग लहरों में आए मिसाइल हमलों को इंटरसेप्ट किया, लेकिन कुछ मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंच गईं, जिससे कई लोग घायल हो गए।
क्लस्टर बमों के इस्तेमाल का दावा
स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने इस हमले में क्लस्टर बम जैसे खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल किया हो सकता है। ये बम हवा में फटकर बड़े इलाके में छोटे-छोटे विस्फोट करते हैं, जिससे व्यापक नुकसान होता है।
लगभग 9 अलग-अलग स्थानों पर हमले की पुष्टि हुई है, जिससे यह साफ है कि हमला बेहद योजनाबद्ध और व्यापक था।
ट्रंप के भाषण के बीच बढ़ा तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में दावा किया कि ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की कमांड क्षमता लगभग खत्म हो चुकी है।
हालांकि, उनके इस बयान के तुरंत बाद हुए हमले ने यह संकेत दिया कि ईरान अब भी जवाबी कार्रवाई करने में सक्षम है और पीछे हटने के मूड में नहीं है।
वैश्विक चिंता और आगे की रणनीति
इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है। अमेरिका, यूरोप और अन्य देश स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
निष्कर्ष
ईरान और इजरायल के बीच यह टकराव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। एक तरफ कूटनीतिक दबाव है, तो दूसरी ओर लगातार सैन्य कार्रवाई। ऐसे में आने वाले दिन पूरे विश्व के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।