नई दिल्ली: लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल पास न होने के बाद देश की राजनीति में तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कड़ी चेतावनी दी है कि उन्हें हर चुनाव और हर जगह महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
संसद में क्यों अटक गया बिल?
महिला आरक्षण से जुड़ा यह अहम विधेयक लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका।
वोटिंग से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर लंबी बहस हुई, लेकिन सहमति नहीं बन पाई।
प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमित शाह ने विपक्ष से सर्वसम्मति की अपील की थी, लेकिन विपक्षी दलों ने बिल के खिलाफ मतदान किया।
अमित शाह का तीखा हमला
अमित शाह ने अपने बयान में कहा कि विपक्ष ने महिलाओं को 33% आरक्षण देने का ऐतिहासिक मौका गंवा दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी ने मिलकर इस बिल को पारित नहीं होने दिया।
शाह ने यह भी कहा कि महिलाओं के अधिकारों का अपमान अब यहीं नहीं रुकेगा और इसका असर हर चुनाव में दिखाई देगा।
हर चुनाव में दिखेगा आक्रोश
अमित शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विपक्ष को 2029 के लोकसभा चुनाव ही नहीं, बल्कि हर स्तर पर महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने विपक्ष के जश्न पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह देश की 70 करोड़ महिलाओं का अपमान है, जो दशकों से अपने अधिकार का इंतजार कर रही हैं।
कंगना रनौत का बयान
बीजेपी सांसद Kangana Ranaut ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि इस फैसले से महिलाओं और बेटियों का मनोबल गिरा है और यह उनके लिए व्यक्तिगत क्षति जैसा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताते हुए कहा कि महिलाओं को उनका हक जरूर मिलेगा।