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दिल्ली अग्निकांड: तीसरी मंजिल से कूदकर बचाई जान, मालवीय नगर होटल हादसे में 21 की मौत!

राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित लेमन ग्रीन होटल में मंगलवार सुबह लगी भीषण आग ने 21 लोगों की जान ले ली। इस दर्दनाक हादसे में कई लोग घायल हुए हैं, जबकि दर्जनों लोगों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। आग लगने के बाद होटल में अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों को अपनी जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से छलांग लगानी पड़ी।

एक ही सीढ़ी होने से बढ़ी मुश्किल

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के अनुसार होटल में बाहर निकलने के लिए केवल एक सीढ़ी थी। आग और धुएं के कारण यह रास्ता भी कई लोगों के लिए बंद हो गया। ऐसे में कई लोग बालकनी और छत पर पहुंच गए।

बीजेपी विधायक सतीश उपाध्याय ने बताया कि स्थानीय निवासियों ने नीचे गद्दे बिछाकर फंसे लोगों को बचाने का प्रयास किया। कुछ लोगों ने तीसरी मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय लोग और बचाव दल तुरंत सक्रिय नहीं होते तो मृतकों की संख्या और अधिक हो सकती थी।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई भयावह स्थिति

घटना के चश्मदीदों के मुताबिक आग लगने के कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर धुएं से भर गया। लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल रहा था। कई स्थानीय लोगों ने होटल के शटर और लोहे की चेन तोड़कर अंदर फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि कुछ लोग बेसमेंट में भी फंसे हुए थे, जिन्हें बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया। वहीं कई लोगों ने ऊपरी मंजिलों से कूदकर अपनी जान बचाई।

विदेशी नागरिक भी थे होटल में ठहरे

फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इमारत में कई विदेशी नागरिक भी ठहरे हुए थे। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, इनमें से कई लोग पास स्थित अस्पताल में इलाज करा रहे अपने परिजनों के साथ यहां रह रहे थे।

दमकल विभाग को सुबह करीब 8:50 बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद कई फायर टेंडर मौके पर भेजे गए। बचाव दल ने बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और कुछ ही घंटों में आग पर काबू पा लिया।

आग लगने के कारणों की जांच शुरू

प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों को आशंका है कि इमारत के निचले हिस्से में संचालित रेस्टोरेंट से आग की शुरुआत हुई हो सकती है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

होटल की सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। प्रशासन ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया दुख

हादसे पर प्रधानमंत्री और दिल्ली की मुख्यमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और घायलों के इलाज के लिए मदद की घोषणा की गई है। दिल्ली सरकार ने भी प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है।

सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर बहुमंजिला इमारतों और होटलों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पर्याप्त आपातकालीन निकास और सुरक्षा उपकरण मौजूद होते, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था।

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