अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा गड़बड़ी का मामला, सरकार ने बनाई विशेष जांच टीम
अयोध्या के भव्य राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए जाने वाले चढ़ावे और दान राशि में कथित वित्तीय गड़बड़ी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर एक उच्च स्तरीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। सरकार ने जांच एजेंसी को सात दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के भीतर विस्तृत अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में होगी जांच
जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए एसआईटी में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है। इस विशेष जांच दल की कमान लखनऊ मंडलायुक्त आईएएस विजय विश्वास पंत को सौंपी गई है।
इसके अलावा महानिरीक्षक (आईपीएस) किरन एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को भी टीम में शामिल किया गया है। यह टीम प्रशासनिक, वित्तीय और सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच करेगी।
दान गिनने वाला कर्मचारी हिरासत में
मामले में पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक कर्मचारी को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान लव कुश मिश्र के रूप में हुई है, जो दानपात्रों से निकाली गई राशि की गिनती और संबंधित कार्यों से जुड़ा हुआ था।
जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित वित्तीय गड़बड़ी में उसकी क्या भूमिका रही है और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
कई कर्मचारी जांच के घेरे में
प्राथमिक जांच में अधिकारियों को आशंका है कि यह मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। मंदिर में दान राशि की गिनती, रिकॉर्ड संधारण और वित्तीय प्रक्रिया से जुड़े कई अन्य कर्मचारी भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे सिस्टम और प्रक्रियाओं की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।
CCTV फुटेज और रिकॉर्ड की हो रही जांच
जांच एजेंसियां मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। इसके अलावा दानपात्रों से प्राप्त राशि के रिकॉर्ड, बैंकिंग दस्तावेज और लेखा-जोखा भी जांच के दायरे में लाया गया है। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित गड़बड़ी कब से हो रही थी और इससे कितनी राशि प्रभावित हुई है।
श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता
राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में दान और चढ़ावे से जुड़े किसी भी मामले को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। सरकार और ट्रस्ट दोनों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे।