अन्तर्राष्ट्रीयदुनिया

यूक्रेन के हमलों से रूस में ईंधन संकट गहराया, तेल निर्यातक देश अब आयात करने को मजबूर!

मॉस्को। यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध का असर अब रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर साफ दिखाई देने लगा है। दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल रूस को अब पेट्रोल और डीजल की कमी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार ड्रोन हमलों में तेल रिफाइनरियों को नुकसान पहुंचने के बाद रूस जून महीने में समुद्री मार्ग से ईंधन आयात करने की तैयारी कर रहा है।

ड्रोन हमलों से प्रभावित हुई रूसी रिफाइनरियां

रिपोर्टों के मुताबिक यूक्रेन द्वारा किए जा रहे ड्रोन हमलों का मुख्य निशाना रूस की तेल रिफाइनरियां बन रही हैं। इन हमलों के कारण कई रिफाइनरियों में उत्पादन प्रभावित हुआ है और मरम्मत का काम जारी है। बताया गया है कि पिछले सप्ताह रूस में पेट्रोल उत्पादन जून 2025 के औसत दैनिक स्तर की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत तक घट गया। वहीं समुद्री रास्ते से तेल उत्पादों के निर्यात में भी करीब 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

पहली बार तेल आयात पर विचार कर रहा रूस

रूस सामान्य तौर पर कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का बड़ा निर्यातक रहा है, लेकिन मौजूदा हालात ने सरकार को आयात का विकल्प तलाशने पर मजबूर कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक की अध्यक्षता में हुई बैठक में तेल आयात करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। साथ ही आयातित ईंधन पर सब्सिडी देने की संभावना भी जताई गई है ताकि घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रण में रखा जा सके।

पेट्रोल पंपों पर कतारें, बढ़ती कीमतों से जनता परेशान

रूस के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता प्रभावित हुई है। कुछ क्षेत्रों में ईंधन की बिक्री पर पाबंदियां लगाई गई हैं, जबकि पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रिफाइनरियों की मरम्मत जल्द पूरी नहीं हुई तो आने वाले महीनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ईंधन की बढ़ती कीमतें रूस में महंगाई बढ़ाने का कारण भी बन सकती हैं।

पुतिन ने कहा- समाज को अस्थिर करने की कोशिश

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में नागरिक बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यूक्रेन का उद्देश्य समाज को अस्थिर करना है। उन्होंने सरकार से इन हमलों के प्रभाव को कम करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने को कहा है। मॉस्को की तेल रिफाइनरी पर हमला भी हाल के बड़े हमलों में शामिल रहा है, जिसने रूस की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

क्रीमिया में लागू हुए सख्त प्रतिबंध

रूस के नियंत्रण वाले क्रीमिया क्षेत्र के सेवास्तोपोल शहर में हालात को देखते हुए कई प्रतिबंध लागू किए गए हैं। सार्वजनिक परिवहन, दुकानों, कैफे और स्ट्रीट लाइटों के संचालन समय में कटौती की गई है। रात 10 बजे के बाद निजी परिवहन बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि बड़े स्टोर और कैफे को रात 8 बजे तक बंद करने का आदेश जारी किया गया है। बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों पर भी अस्थायी रोक लगा दी गई है।

Related posts

मार्को रुबियो की भारत यात्रा से मजबूत होंगे भारत-अमेरिका संबंध!

News Author

Trump Greenland Plan: ट्रंप के प्लान पर NATO की बड़ी चाल, अचानक 6 देशों की सेना ग्रीनलैंड पहुंची, जानिए पूरी वजह

News Author

Donald Trump: ईरान के साथ कैसी होगी नई डील? ट्रंप बोले- ‘ओबामा जैसी नहीं होगी’!

News Author

Leave a Comment