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RG Kar केस पर विधानसभा में भावुक दृश्य, बेटी का नाम सुनते ही रो पड़ीं विधायक मां रत्ना देबनाथ!

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में मंगलवार को उस समय भावुक माहौल बन गया, जब RG Kar मेडिकल कॉलेज मामले की पीड़िता की मां और भाजपा विधायक रत्ना देबनाथ अपनी बेटी का नाम सुनते ही फूट-फूटकर रोने लगीं। सदन में मौजूद महिला विधायकों ने उन्हें संभाला और ढांढस बंधाया। यह घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान RG Kar मामले में न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता जता रहे थे।

‘अभया को न्याय दिलाने के लिए सरकार कृतसंकल्प’

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार RG Kar मामले की पीड़िता, जिसे प्रतीकात्मक रूप से ‘अभया’ नाम दिया गया है, को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “बंगाल की जनता ने हमें इसलिए जनादेश दिया है कि अभया के आंसुओं का हिसाब लिया जा सके। इस मामले में न्याय जरूर मिलेगा।”

मुख्यमंत्री के इस बयान के दौरान सदन में मौजूद रत्ना देबनाथ अपनी बेटी को याद कर भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

तीन IPS अधिकारी निलंबित, संदीप घोष हटाए गए

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि RG Kar मामले में लापरवाही बरतने वाले तीन IPS अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल प्रशासन से जुड़े विवादित अधिकारियों को उनके पदों से हटाया गया है। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि मामले के हर पहलू की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

क्या है RG Kar मामला?

9 अगस्त 2024 को कोलकाता के RG Kar मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात 31 वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। जांच में सामने आया कि डॉक्टर के साथ कथित रूप से दुष्कर्म के बाद हत्या की गई थी। इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया था और लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन हुए थे। मामले के मुख्य आरोपी संजय रॉय को अदालत द्वारा दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है।

पीड़िता के माता-पिता ने उठाए जांच पर सवाल

हालांकि पीड़िता के माता-पिता ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल की है और मामले की दोबारा जांच कराने की मांग की है। नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि RG Kar मामले को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा और यदि जरूरत पड़ी तो जांच के दायरे को और व्यापक बनाया जाएगा।

विधानसभा में भावुक हुआ माहौल

सदन में मौजूद कई महिला विधायकों ने रत्ना देबनाथ को सांत्वना दी। बेटी को खोने का दर्द और न्याय की लंबी लड़ाई का असर उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था। विधानसभा का यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।

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