टीम इंडिया की लगातार हार ने बढ़ाई चिंता, कप्तानी संभालते ही श्रेयस अय्यर के नाम दर्ज हुआ अवांछित रिकॉर्ड
नई दिल्ली। भारतीय टी20 टीम इन दिनों लगातार खराब प्रदर्शन के दौर से गुजर रही है। आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों में हार और उसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ लगातार तीन टी20 मुकाबलों में मिली शिकस्त के बाद टीम इंडिया लगातार पांच मैच हार चुकी है। खास बात यह है कि ये सभी मुकाबले श्रेयस अय्यर की कप्तानी में खेले गए, जिसके साथ उनके नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया जिसे कोई भी कप्तान अपने करियर में नहीं देखना चाहेगा।
कप्तानी की शुरुआत में ही बना अनचाहा रिकॉर्ड
श्रेयस अय्यर को हाल ही में भारतीय टी20 टीम की कप्तानी सौंपी गई थी। उनसे टीम को नई दिशा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन शुरुआत उम्मीदों के विपरीत रही। अपने शुरुआती छह टी20 मुकाबलों में से पांच हारने के साथ अय्यर भारत के पहले ऐसे कप्तान बन गए हैं जिनकी कप्तानी में टीम ने लगातार पांच टी20 मैच गंवाए हैं।
यह रिकॉर्ड भारतीय क्रिकेट इतिहास में पहले किसी भी कप्तान के नाम दर्ज नहीं था। इससे पहले महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम लगातार चार टी20 मुकाबले हारी थी, लेकिन पांच लगातार हार का रिकॉर्ड पहली बार बना है।
विराट कोहली और धोनी को भी पीछे छोड़ा
सबसे तेज़ी से पांच टी20 मैच हारने वाले भारतीय कप्तानों की सूची में अब श्रेयस अय्यर शीर्ष पर पहुंच गए हैं। उन्होंने केवल छह मैचों में पांच हार का आंकड़ा छू लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम था, जिन्होंने 12 मैचों में पांच हार झेली थीं।
महेंद्र सिंह धोनी को पांच हार तक पहुंचने में 15 मैच लगे थे, जबकि हार्दिक पंड्या को 16 और रोहित शर्मा तथा सूर्यकुमार यादव को 31-31 मैचों के बाद पांचवीं हार मिली थी।
सबसे तेज़ 5 हार झेलने वाले भारतीय T20 कप्तान
- श्रेयस अय्यर – 6 मैच
- विराट कोहली – 12 मैच
- महेंद्र सिंह धोनी – 15 मैच
- हार्दिक पंड्या – 16 मैच
- रोहित शर्मा – 31 मैच
- सूर्यकुमार यादव – 31 मैच
आगे होगी बड़ी चुनौती
लगातार हार के बाद भारतीय टीम और कप्तान श्रेयस अय्यर दोनों पर दबाव बढ़ गया है। अब आने वाले मुकाबलों में टीम की वापसी पर सभी की निगाहें रहेंगी। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती नतीजों के आधार पर किसी कप्तान का मूल्यांकन करना जल्दबाजी होगी, लेकिन लगातार हार ने निश्चित रूप से टीम प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है।
यदि भारत अगले मुकाबलों में वापसी करता है तो यह रिकॉर्ड केवल एक शुरुआती आंकड़ा बनकर रह जाएगा, लेकिन यदि हार का सिलसिला जारी रहता है तो कप्तानी को लेकर सवाल और तेज़ हो सकते हैं।