नई दिल्ली। हिंदू देवी-देवताओं को लेकर कथित विवादित बयानों के कारण पहले भी चर्चा में रहे मौलाना जर्जिस एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। इस बार सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उनके द्वारा भगवान शिव और ब्रह्मा को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद विभिन्न धार्मिक संगठनों और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
महत्वपूर्ण: वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह रिपोर्ट वायरल दावों और सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं पर आधारित है।
वायरल वीडियो में क्या दावा किया जा रहा है?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह 22 जुलाई को बिहार के कटिहार में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम का है। वीडियो में मौलाना जर्जिस कथित रूप से भगवान शिव और ब्रह्मा को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि, वीडियो के मूल स्रोत, उसके पूरे संदर्भ और उसकी प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं
वीडियो वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स और धार्मिक संगठनों ने कथित बयान की आलोचना करते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे वीडियो और उसके संदर्भ की जांच होनी चाहिए। अब तक इस मामले में संबंधित प्रशासन की ओर से किसी नई कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पहले भी विवादों में रहे हैं मौलाना जर्जिस
इससे पहले मौलाना जर्जिस भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए अपने बयान के कारण भी विवादों में आए थे। उस बयान के बाद कई हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था और पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। बाद में पुलिस ने संबंधित मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की थी।
कौन हैं मौलाना जर्जिस?
मौलाना जर्जिस उत्तर प्रदेश के इटावा के रहने वाले बताए जाते हैं और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में भाषण देने के लिए जाने जाते हैं। उनका नाम पूर्व में भी कई विवादों और कानूनी मामलों में सामने आ चुका है। इनमें एक आपराधिक मामले में निचली अदालत का फैसला और उसके बाद उच्च न्यायालय में कानूनी कार्यवाही भी शामिल रही है।
जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर विभिन्न दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में यदि प्रशासन या संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया जाता है, तो उसके आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।