शिलांग। मेघालय की राजनीति में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के 12 में से 8 विधायक भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। News18 की रिपोर्ट के मुताबिक खलीहियात से विधायक क्यिरमेन श्याला के नेतृत्व में इन विधायकों ने भाजपा नेतृत्व से मुलाकात की थी। इससे पहले विधायकों की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात भी हुई थी।
इस घटनाक्रम के बाद UDP के विधानसभा में अब चार विधायक रह गए हैं। वहीं, भाजपा के साथ इन विधायकों के जुड़ने से मेघालय विधानसभा में भाजपा की संख्या में बदलाव हुआ है। इससे पहले 12 सितंबर को पूर्व विधायक और UDP नेता डॉ. जेमिनो मावथोह के भी भाजपा में शामिल होने की खबर सामने आई थी।
कई दिनों से चल रही थी चर्चा
UDP के आठ विधायकों के भाजपा के साथ जाने की चर्चा पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गतिविधियों के केंद्र में थी। 11 सितंबर को UDP विधायक ओलन सिंग सुइन ने कहा था कि आठ विधायक भाजपा नेतृत्व के साथ अपनी मांगों को लेकर बातचीत कर रहे हैं और मांगों पर सहमति बनने के बाद पार्टी बदलने का फैसला हो सकता है।
इसके बाद खलीहियात विधायक क्यिरमेन श्याला ने भी आठ विधायकों के भाजपा में जाने की बात कही थी। रिपोर्टों के अनुसार इन विधायकों की ओर से मेघालय से जुड़े कई मुद्दे भाजपा नेतृत्व के सामने रखे गए थे, जिनमें कोयला खनन, खासी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने और मेघालय रेजिडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट (MRSSA) से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
UDP के भीतर भी हुई चर्चा
इस घटनाक्रम से पहले UDP ने आठ विधायकों के संभावित दल-बदल को लेकर पार्टी स्तर पर विचार की बात कही थी। पार्टी महासचिव टिटोस्टारवेल चाइन ने कहा था कि मामले पर अनुशासन समिति या राज्य संसदीय बोर्ड आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगा।
अब आठ विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद मेघालय की विधानसभा राजनीति में समीकरण बदले हैं। यह घटनाक्रम 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में दलों के बीच बदलते संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि इस बदलाव के राजनीतिक प्रभावों का आकलन आने वाले समय में विधानसभा की गतिविधियों और दलों की अगली रणनीति से होगा।