दिल्ली में AAP समेत विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने किया विरोध प्रदर्शन, मुंबई में CJP ने भी आंदोलन का किया ऐलान; 11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार, 2 अक्टूबर को दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आम आदमी पार्टी (AAP), कांग्रेस से जुड़े संगठनों, छात्र संगठनों और अन्य विपक्षी समूहों के प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। दिल्ली पुलिस ने 500 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं में AAP सांसद संजय सिंह, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, सौरभ भारद्वाज, संजीव झा और अनुराग ढांडा के नाम शामिल हैं।
प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों के कारण पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, ये प्रदर्शनकारियों और विपक्षी दलों के आरोप हैं, जिन्हें चुनाव आयोग की ओर से स्वतंत्र रूप से स्वीकार किया जाना बाकी है।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और नई दिल्ली के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ बैरिकेडिंग की गई। दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की और प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही। पुलिस ने कानून-व्यवस्था और यातायात को नियंत्रित रखने के लिए आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाए।
सुबह से ही जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। दिल्ली पुलिस ने कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका और हिरासत में लिया। कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और तनाव की खबरें भी सामने आईं।
11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों से 11 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास अस्थायी रूप से बंद कर दिया। इनमें जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, INA, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली स्टेशन शामिल हैं। कुछ स्टेशनों पर यात्रियों के लिए इंटरचेंज सुविधा जारी रखी गई।
नई दिल्ली इलाके में इंटरनेट सेवा प्रभावित होने की भी खबर सामने आई। वहीं, सेंट्रल दिल्ली की ओर जाने वाले कई मार्गों पर बैरिकेडिंग और यातायात प्रतिबंध लगाए गए, जिससे आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
लखनऊ के हजरतगंज इलाके में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और पुतला फूंकने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने रोक दिया। पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेजा। सपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
मुंबई में CJP के प्रदर्शन का ऐलान
उधर, मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आंदोलन की घोषणा की थी। शिवाजी पार्क में दोपहर तीन बजे प्रदर्शन प्रस्तावित था। हालांकि, पुलिस से अनुमति नहीं मिलने की जानकारी सामने आई और सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। स्थानीय नागरिकों की ओर से भी प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर आपत्ति जताए जाने की खबरें आईं।
नेताओं ने रखे अपने-अपने पक्ष
NCP (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने आंदोलन की जरूरत पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार के सुनवाई नहीं करने के कारण लोगों को आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने 6 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित बड़े आंदोलन का भी उल्लेख किया। दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ज्ञानेश कुमार का समर्थन करते हुए विपक्ष की आलोचना की। इस तरह चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी रहे।
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। राजधानी में विरोध प्रदर्शन के बीच सुरक्षा, सार्वजनिक परिवहन और यातायात पर लगाए गए प्रतिबंधों का असर आम लोगों की आवाजाही पर भी पड़ा।