नई दिल्ली। दिल्ली के प्रसिद्ध बंगला साहिब गुरुद्वारे में कथित प्रदर्शन और धार्मिक स्थल की मर्यादा भंग करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। कमेटी ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पार्टी के विधायकों, कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दी थी।
संसद मार्ग थाने में दी गई शिकायत
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से 11 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस आयुक्त के नाम शिकायत दी गई थी। यह शिकायत संसद मार्ग थाने में दर्ज कराई गई। कमेटी ने आरोप लगाया कि गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब परिसर में कथित तौर पर राजनीतिक विरोध प्रदर्शन किया गया और इसके बाद भ्रामक वीडियो प्रसारित किए गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
गुरुद्वारे के भीतर राजनीतिक नारे लगाने का आरोप
कमेटी की शिकायत के मुताबिक, आम आदमी पार्टी से जुड़े कुछ कार्यकर्ता और समर्थक कथित तौर पर गुरुद्वारा परिसर में दाखिल हुए और वहां राजनीतिक विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि इस दौरान राजनीतिक नारे लगाए गए, जिससे गुरुद्वारे का धार्मिक माहौल प्रभावित हुआ।
कमेटी का कहना है कि गुरुद्वारा एक पवित्र धार्मिक स्थल है और परिसर का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। शिकायत में यह भी कहा गया कि गुरुद्वारा प्रबंधन और सेवादारों ने स्थिति को शांत बनाए रखने तथा धार्मिक स्थल की मर्यादा बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप किया।
वीडियो के आधार पर पहचान की मांग
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने पुलिस से प्रदर्शन से संबंधित वीडियो के आधार पर इसमें शामिल लोगों की पहचान करने की मांग की है। कमेटी ने यह भी पता लगाने का आग्रह किया है कि प्रदर्शनकारियों को गुरुद्वारे में किसने बुलाया और यह गतिविधि किसके निर्देश पर की गई।
शिकायत में मामले से जुड़े लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी की गई है। पुलिस जांच के दौरान उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की परिस्थितियों तथा संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा सकती है।
केजरीवाल समेत AAP नेताओं की भूमिका की होगी जांच
शिकायत में अरविंद केजरीवाल के अलावा आम आदमी पार्टी के विधायकों, कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। हालांकि, किसी शिकायत में नाम होने या FIR दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित हो गए हैं।
अब मामले में पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। जांच के बाद ही घटना में शामिल लोगों की भूमिका और आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।