न्यूज़ डेस्क | 23 अक्टूबर 2026
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। गुरुवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए और दावा किया कि नकारात्मक राजनीति के कारण पार्टी 2030 तक भी चुनाव नहीं जीत पाएगी। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार को लेकर भी बड़ा बयान दिया। शाह ने कहा कि पंजाब की जनता आगामी चुनाव में AAP को सत्ता से बाहर कर देगी।
कांग्रेस की राजनीति पर अमित शाह का निशाना
अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह चुनावी प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाकर घुसपैठियों के वोटों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। शाह की ये टिप्पणियां निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच आई हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस कई राज्यों में लंबे समय से चुनावी सफलता हासिल नहीं कर पाई है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी की चुनावी मुश्किलें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने से पहले ही शुरू हो गई थीं। शाह के मुताबिक, कांग्रेस को अपनी राजनीतिक रणनीति और विपक्ष की भूमिका पर पुनर्विचार करने की जरूरत है।
हालांकि, वोट चोरी और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता से जुड़े आरोपों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक विवाद जारी है। दोनों पक्ष इस मुद्दे पर अलग-अलग दलीलें देते रहे हैं।
2030 तक चुनाव नहीं जीतने का दावा
जनसभा में अमित शाह ने कांग्रेस की राजनीति को नकारात्मक बताते हुए कहा कि मौजूदा रणनीति के साथ पार्टी 2030 तक भी चुनाव नहीं जीत पाएगी। उन्होंने निर्वाचन आयोग को लेकर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव जीतने पर आयोग की तारीफ की जाती है, जबकि हारने पर उसी संस्था पर सवाल खड़े किए जाते हैं।
शाह ने यह भी कहा कि कांग्रेस को आने वाले वर्षों में सत्ता में वापसी के लिए अपनी राजनीतिक दिशा बदलनी होगी। उनके बयान को आगामी चुनावों से पहले भाजपा की ओर से विपक्ष पर किए जा रहे हमलों के रूप में देखा जा रहा है।
अरविंद केजरीवाल और AAP पर भी हमला
अमित शाह ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी निशाने पर लिया। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की जनता आगामी चुनाव में आम आदमी पार्टी की सरकार को सत्ता से बाहर कर देगी।
शाह ने आरोप लगाया कि AAP ने आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन की राजनीति के जरिए अपनी पहचान बनाई, लेकिन शासन के मोर्चे पर अपेक्षित काम नहीं किया। उन्होंने दिल्ली में कचरे के बड़े ढेरों का जिक्र करते हुए भी केजरीवाल की राजनीति पर सवाल उठाए।
पंजाब की राजनीति पर बढ़ेगी नजर
पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक मुकाबला आने वाले समय में और तेज होने की संभावना है। अमित शाह के बयान को राज्य में AAP के खिलाफ भाजपा की राजनीतिक रणनीति के संकेत के रूप में देखा जा सकता है।
वहीं, कांग्रेस और AAP की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी राजनीतिक नजरें रहेंगी। चुनाव में किसी पार्टी को कितनी सफलता मिलेगी, इसका अंतिम फैसला मतदाताओं के रुख और चुनावी परिणामों से ही तय होगा।