कुवैत सिटी। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। सोमवार तड़के कुवैत की वायु रक्षा प्रणालियों को सक्रिय किया गया, जिसके बाद कई संदिग्ध हवाई खतरों को रोकने की कार्रवाई की गई। हालांकि, इन हमलों की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन या देश ने आधिकारिक रूप से नहीं ली है।
कुवैत की एयर डिफेंस सिस्टम हुई सक्रिय
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, तड़के हुए हमलों के बाद कुवैत की वायु रक्षा इकाइयों ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए ड्रोन और मिसाइलों को रोकने की कोशिश की। सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति पर नजर रखते हुए देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ा दी है। फिलहाल कुवैत सरकार की ओर से नुकसान या हताहतों की कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
हमले के पीछे कौन?
हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी ने नहीं ली है। हालांकि क्षेत्रीय विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा अमेरिका-ईरान तनाव को देखते हुए इस घटना के पीछे ईरान समर्थित समूहों की भूमिका की संभावना पर चर्चा की जा रही है। हालांकि किसी भी पक्ष की आधिकारिक पुष्टि के बिना इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ा तनाव
हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। दोनों देशों के बीच सुरक्षा, समुद्री मार्गों और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर मतभेद बने हुए हैं। इसी बीच ईरानी सरकारी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के अर्द्धसैन्य बलों ने दावा किया है कि अमेरिकी बलों ने एक रणनीतिक दूरसंचार ढांचे को निशाना बनाया था। इसके जवाब में कार्रवाई किए जाने की बात भी कही गई, हालांकि हमले के स्थान का खुलासा नहीं किया गया।
क्या बढ़ सकता है क्षेत्रीय संकट?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खाड़ी क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं बढ़ती हैं तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार, तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है। कुवैत, सऊदी अरब, इराक और अन्य खाड़ी देशों की सुरक्षा स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है। खाड़ी क्षेत्र विश्व ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है, इसलिए यहां किसी भी सैन्य गतिविधि का वैश्विक प्रभाव पड़ सकता है।
ट्रंप का बयान भी चर्चा में
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान समझौते की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है और अंततः स्थिति बेहतर होगी। हालांकि ईरान की ओर से कहा गया है कि किसी संभावित समझौते को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
वैश्विक समुदाय की नजर
कुवैत पर हुए हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव कम नहीं हुआ तो मध्य पूर्व में अस्थिरता और बढ़ सकती है।