लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। शहरों में जलभराव से लोगों को परेशानी हो रही है, जबकि ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकान और पुराने भवन बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बारिश से जुड़े हादसों और सर्पदंश में लोगों की मौत की खबरें भी सामने आई हैं। स्थिति को देखते हुए 28 सितंबर को कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
हरदोई में जलभराव, सात लोगों की मौत
हरदोई में लगातार तीन दिन हुई बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भर गया। प्रशासन के अनुसार 25 सितंबर से हुई अतिवृष्टि के दौरान पांच लोगों की मौत हुई, जबकि सर्पदंश से दो लोगों की जान गई। सात लोग घायल हुए हैं और करीब 30 पशुहानि की सूचना है।
सदर, संडीला और सवायजपुर तहसील क्षेत्र अधिक प्रभावित बताए गए हैं। प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाकर भोजन, पानी और ठहरने की व्यवस्था की गई है। बिजली उपकेंद्रों से पानी निकालकर आपूर्ति बहाल करने और सड़कों से गिरे पेड़ हटाने का काम भी किया गया।
नालों पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई
हरदोई के धन्नूपुरवा क्षेत्र में जलभराव की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे मंत्री नितिन अग्रवाल ने जल निकासी में बाधा बन रहे अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए। मौके पर जेसीबी से कार्रवाई कराई गई और जल निकासी में बाधक बनी पुलिया को भी हटाया गया। अधिकारियों को मुख्य निकास बिंदुओं से अतिक्रमण हटाने और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
श्रावस्ती और बलरामपुर में बढ़ा बाढ़ का खतरा
श्रावस्ती में राप्ती बैराज का जलस्तर 128.75 मीटर तक पहुंच गया, जबकि खतरे का निशान 127.70 मीटर बताया गया है। इसके चलते आसपास के कई गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ चौकियों को अलर्ट रखा गया है और प्रशासनिक अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं।
बलरामपुर के महराजगंज तराई क्षेत्र में खरझार नाला कुछ ही घंटों के अंतराल में दो बार उफन गया। इससे आधा दर्जन से अधिक गांवों में पानी पहुंचा, जबकि करीब एक दर्जन गांव पानी से घिर गए।
महराजगंज में बारिश और आंधी से चार मौतें
महराजगंज में लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण अलग-अलग हादसों में चार लोगों की मौत की सूचना है। प्रशासन ने अधिकारियों को मौके पर जाकर नुकसान का आकलन करने और प्रभावित परिवारों को राज्य आपदा निधि से सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
फर्रुखाबाद और रामपुर में दर्दनाक हादसे
फर्रुखाबाद में बारिश के दौरान खुले नाले में गिरने से चार वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। बताया गया कि बच्चा बारिश के पानी से भरे नाले में गिरकर तेज बहाव में बह गया। पुलिस, नगर पालिका और एनडीआरएफ ने तलाश अभियान चलाया, जिसके बाद उसका शव घटनास्थल से करीब 400 मीटर दूर मिला।
रामपुर के काशीपुर गांव में लगातार बारिश के बीच कच्चे मकान की छत गिरने से एक महिला की मौत हो गई। महिला हादसे के समय घर के अंदर मौजूद थी और मलबे में दब गई।
जालौन में ऐतिहासिक महल भी ढहा
लगातार बारिश के कारण जालौन में करीब 200 साल पुराना ताईबाई का महल भी भरभराकर गिर गया। राहत की बात रही कि हादसे के वक्त भवन के आसपास कोई मौजूद नहीं था। जर्जर होने के बाद इस ऐतिहासिक भवन में संचालित तहसील कार्यालय पहले ही दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा चुका था।
प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य चला रहा है। वहीं, लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों और कमजोर इमारतों से दूर रहने की अपील की जा रही है।