कांशीराम की 20वीं पुण्यतिथि पर मायावती का बड़ा संदेश, बोलीं— बहुजन समाज को सत्ता किसी की मेहरबानी से नहीं, वोट की ताकत से मिलेगी
लखनऊ/नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक कांशीराम की 20वीं पुण्यतिथि पर पार्टी सुप्रीमो मायावती ने उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग उठाई। इस अवसर पर उन्होंने बहुजन समाज को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने का संकल्प दोहराते हुए कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटने की अपील की। मायावती के बयान को उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग
कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मायावती ने केंद्र सरकार से उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने अपना जीवन बहुजन समाज के सामाजिक और राजनीतिक उत्थान के लिए समर्पित किया। उनके विचारों और संघर्षों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
मायावती ने कांशीराम के साथ अपने राजनीतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें अपना उत्तराधिकारी बनाया था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह कांशीराम के विश्वास को कभी टूटने नहीं देंगी और उनके बताए रास्ते पर चलती रहेंगी।
परिवारवाद पर मायावती का जोर
अपने संबोधन में मायावती ने बसपा को परिवारवाद से दूर रखने का संकल्प भी दोहराया। आकाश आनंद के निलंबन और फिर पार्टी में वापसी के घटनाक्रम के बीच उनका यह बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन सकता है। हालांकि, मायावती के इस बयान को आकाश आनंद के खिलाफ किसी नए फैसले का संकेत मानना अभी अटकल ही होगा।
बसपा सुप्रीमो ने कांशीराम के विचारों को पार्टी की राजनीतिक दिशा का आधार बताते हुए संगठन को मजबूत करने और बहुजन समाज के हितों के लिए लगातार काम करने की बात कही।
2027 के विधानसभा चुनाव पर नजर
कांशीराम की पुण्यतिथि पर मायावती ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं से सक्रिय होने की अपील की। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज को सत्ता किसी की कृपा से नहीं, बल्कि अपने वोट की ताकत से हासिल करनी होगी।
मायावती ने बसपा की सत्ता में वापसी का भरोसा जताते हुए कार्यकर्ताओं से तन-मन-धन से चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। उनके इस संदेश को आगामी चुनावों से पहले पार्टी के समर्थकों को एकजुट करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
चार बार बसपा सरकार बनने का किया उल्लेख
मायावती ने कहा कि कांशीराम के मिशनरी संकल्प और उनके विचारों के कारण उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में बसपा की सरकार चार बार बनी। उन्होंने पार्टी की सरकारों के कार्यकाल को सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति के प्रयासों से जोड़ते हुए महात्मा ज्योतिबा फुले, नारायण गुरु, राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज और डॉ. भीमराव आंबेडकर के योगदान का उल्लेख किया।
उन्होंने समानता, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों को आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
कांशीराम की पुण्यतिथि पर मायावती का संदेश एक ओर उनके राजनीतिक मार्गदर्शन और विरासत को याद करने पर केंद्रित रहा, तो दूसरी ओर आगामी चुनावों के लिए बसपा संगठन को सक्रिय करने की अपील भी इसमें प्रमुख रही। अब देखना होगा कि पार्टी इस संदेश को जमीनी स्तर पर कितनी मजबूती से चुनावी अभियान में बदल पाती है।