नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में एक बार फिर मौसमी हलचल तेज हो गई है। आंध्र प्रदेश में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर पूरी तरह खत्म होने से पहले ही एक नए संभावित तूफान का खतरा मंडराने लगा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले कुछ दिनों में मजबूत होकर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। यदि यह सिस्टम चक्रवात बनता है तो इसे ‘मुरसु’ नाम दिया जाएगा।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके सोमवार, 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के आसपास पहुंचने या तट पार करने की संभावना जताई गई है। हालांकि, इसकी दिशा और तीव्रता पर मौसम विभाग लगातार नजर बनाए हुए है।
48 घंटे में मजबूत हो सकता है मौसमी सिस्टम
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पास कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके शनिवार शाम तक और मजबूत होकर दबाव वाले क्षेत्र में बदलने का अनुमान है। इसके बाद रविवार तक इसके चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है।
सिस्टम के मजबूत होने के साथ आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का असर बढ़ सकता है। हालांकि, चक्रवात की वास्तविक तीव्रता और संभावित रास्ते को लेकर अंतिम स्थिति मौसम विभाग के अगले अपडेट से स्पष्ट होगी।
भारत ने दिया है ‘मुरसु’ नाम
मौसम विभाग के अनुसार, यदि यह सिस्टम चक्रवाती तूफान बनता है तो इसका नाम ‘मुरसु’ होगा। यह नाम भारत की ओर से प्रस्तावित किया गया है। तमिल भाषा में ‘मुरसु’ का अर्थ नगाड़ा या ढोल होता है।
चक्रवाती तूफानों के नाम पहले से तय सूची के आधार पर रखे जाते हैं। इसलिए मौजूदा मौसमी सिस्टम के चक्रवात बनने की स्थिति में इसी नाम का इस्तेमाल किया जाएगा।
आंध्र प्रदेश से तमिलनाडु तक भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और पुडुचेरी के यानम क्षेत्र में भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 नवंबर तक भारी बारिश हो सकती है। केरल और माहे में भी 4 नवंबर तक बारिश का अनुमान है।
इस संभावित तूफान का असर दक्षिण भारत के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
समुद्र में तेज हवाओं और ऊंची लहरों की आशंका
IMD ने आंध्र प्रदेश के तट के आसपास समुद्र की स्थिति खराब रहने की चेतावनी दी है। 1 नवंबर तक तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर हवा के झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
समुद्र में खराब मौसम की आशंका को देखते हुए मछुआरों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। समुद्र में जाने से पहले मौसम संबंधी निर्देशों की जानकारी लेना जरूरी है।
प्रशासन और लोगों के लिए सतर्कता जरूरी
चक्रवात की आशंका के बीच तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए। समुद्र के किनारे जाने और खराब मौसम के दौरान जोखिम लेने से बचना जरूरी है। वहीं, मछुआरों को समुद्र की स्थिति सामान्य होने और आधिकारिक अनुमति मिलने तक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
फिलहाल बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम पर मौसम विभाग की नजर है। इसके चक्रवात में बदलने, दिशा और तीव्रता को लेकर आने वाले अपडेट महत्वपूर्ण होंगे।