उत्तर प्रदेश | राजनीति | 31 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में वोटर लिस्ट को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने के लिए अभियान चलाने की अपील की है। उन्होंने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के सहयोग से मतदाता सूची की जांच कराने और किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटने से बचाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री योगी ने वोटर लिस्ट को लेकर क्या कहा?
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची से जुड़े आंकड़ों का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो पात्र होने के बावजूद विधानसभा की मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर उत्तर प्रदेश में 16 करोड़ से अधिक मतदाता होने चाहिए, जबकि वर्तमान मतदाताओं की संख्या करीब 13 करोड़ बताई जा रही है। इसी अंतर को लेकर उन्होंने चिंता जताई और कार्यकर्ताओं को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया।
66 लाख पंचायत वोटर, लेकिन विधानसभा सूची से बाहर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अलग-अलग श्रेणियों के मतदाताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि करीब 66 लाख ऐसे लोग हैं, जिनके नाम पंचायत की मतदाता सूची में दर्ज हैं, लेकिन विधानसभा की मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि लगभग 55 लाख सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के नाम भी विधानसभा मतदाता सूची में नहीं हैं। वहीं, 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के करीब साढ़े चार लाख युवाओं के नाम भी सूची से बाहर होने की बात कही गई।
इन आंकड़ों के आधार पर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि करीब 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं। हालांकि, ये मुख्यमंत्री द्वारा बैठक में प्रस्तुत किए गए आंकड़े और दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अलग से जरूरी है।
SIR अभियान को लेकर जताई चिंता
योगी आदित्यनाथ ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले SIR अभियान के दौरान उत्तर प्रदेश में केवल चार लाख नए मतदाताओं की वृद्धि दर्ज होना चिंता का विषय है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, मतदाता सूची में पात्र लोगों के नाम शामिल कराने के लिए और गंभीरता से काम करने की जरूरत है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची की जांच करें और जिन पात्र लोगों के नाम छूट गए हैं, उन्हें जोड़ने में मदद करें।
BLO के सहयोग से चलेगा नाम जुड़वाने का अभियान
मुख्यमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय होने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO के सहयोग से पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए।
खास तौर पर नए मतदाताओं, युवाओं और उन लोगों पर ध्यान देने की जरूरत बताई गई, जिनके नाम अलग-अलग कारणों से विधानसभा मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाए हैं।
SIR को लेकर उत्तर प्रदेश में बढ़ सकती है सियासी बहस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची और SIR को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज होने की संभावना है। एक तरफ सरकार और भाजपा संगठन पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने पर जोर दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के दावे में बताए गए आंकड़ों की आधिकारिक जांच भी महत्वपूर्ण होगी।
अब देखना होगा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान कितने नए नाम जुड़ते हैं और इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति में आगे क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।