10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से आयोजित किए जाने वाले इस प्रदर्शन में देशभर से युवाओं के जुटने की अपील की जा रही है। पार्टी की ओर से दिल्ली पुलिस को प्रदर्शन के संबंध में औपचारिक जानकारी दी गई है, हालांकि खबर लिखे जाने तक पुलिस की अनुमति नहीं मिलने की बात सामने आई है।
प्रदर्शन से पहले सीजेपी नेता सौरव दास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने बिहार के युवाओं से दिल्ली पहुंचने की अपील की है।
सौरव दास ने बिहार के युवाओं से की अपील
सौरव दास ने अपने वीडियो संदेश में बिहार के लोगों से प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगर बिहार के लोग प्रदर्शन में नहीं आएंगे तो माहौल नहीं बनेगा और बिहार से लोगों के आने पर प्रदर्शन का माहौल बनेगा।
उन्होंने युवाओं से दिल्ली पहुंचने की अपील करते हुए “दिल्ली चलो” का नारा भी दिया। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
चुनाव और वोटर लिस्ट को लेकर प्रदर्शन
सीजेपी की ओर से कहा गया है कि प्रदर्शन का मुद्दा चुनाव और वोटर लिस्ट से जुड़ी कथित गड़बड़ियों से संबंधित है। सौरव दास ने 7 अक्टूबर को मीडिया से बातचीत में कहा था कि देशभर के युवा इन मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे।
पार्टी की ओर से दिल्ली पुलिस को भेजे गए औपचारिक पत्र में भी 10 अक्टूबर को देशभर से युवाओं के जंतर-मंतर पहुंचने की बात कही गई है। हालांकि प्रदर्शन की अनुमति को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
इस पूरे मामले के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी लगातार उठ रही है। विपक्षी दल एसआईआर को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साध रहे हैं। विपक्ष की ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं कि चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
हालांकि इन राजनीतिक आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाएं भी महत्वपूर्ण होंगी। ऐसे में 10 अक्टूबर का प्रस्तावित प्रदर्शन राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
पटना में भी विपक्ष का प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के अलावा बिहार की राजधानी पटना में भी विपक्षी दलों की ओर से मार्च और प्रदर्शन का कार्यक्रम बताया गया है। जिलों में भी विरोध-प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है।
अब सबकी नजर 10 अक्टूबर को होने वाले प्रस्तावित जंतर-मंतर प्रदर्शन पर है। पुलिस की अनुमति, प्रदर्शन में युवाओं की भागीदारी और विपक्ष की आगे की रणनीति आने वाले दिनों में इस मुद्दे की दिशा तय कर सकती है।