Moradabad में स्कूलों में कथित भ्रष्टाचार और महंगी फीस के विरोध में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया। संगठन ने निजी स्कूलों पर अभिभावकों के आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अभियान

शिवसेना के पदाधिकारियों ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में यह अभियान चलाया गया। संगठन के अनुसार शिक्षण संस्थानों में बेहतर सुविधाओं की कमी और निजी स्कूलों की बढ़ती फीस से अभिभावक परेशान हैं। इसी मुद्दे को लेकर ज्ञापन दिया गया है।
महंगी फीस और ड्रेस पर आपत्ति
शिवसेना नेताओं ने आरोप लगाया कि कई निजी स्कूल महंगी फीस, ड्रेस और पाठ्यक्रम के नाम पर अभिभावकों से अधिक धन वसूल रहे हैं। इसके अलावा छात्रों से नवीनीकरण के नाम पर दोबारा शुल्क लेने की भी शिकायत की गई। संगठन ने इसे अभिभावकों का शोषण बताया।
जांच और कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में मांग की गई है कि शिक्षा विभाग निजी स्कूलों की फीस संरचना और अन्य शुल्कों की जांच करे। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। संगठन ने कहा कि शिक्षा को व्यवसाय बनने से रोकना जरूरी है।
कई पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के विभिन्न पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आगे आंदोलन किया जाएगा। प्रशासन ने ज्ञापन लेकर संबंधित विभाग को भेजने का आश्वासन दिया है।