अन्तर्राष्ट्रीयदुनिया

ईरान-अमेरिका पीस डील के कुछ घंटों बाद यूक्रेन का रूस पर हमला, मॉस्को की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी में लगी आग!

दुनिया अभी अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते की चर्चा कर ही रही थी कि यूरोप से एक और बड़ी खबर सामने आ गई। अमेरिका-ईरान पीस डील पर हस्ताक्षर होने के कुछ ही घंटों बाद यूक्रेन ने रूस की राजधानी मॉस्को स्थित एक प्रमुख ऑयल रिफाइनरी पर बड़ा ड्रोन हमला कर दिया। इस हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में भीषण आग लग गई और आसमान में धुएं का गुबार दिखाई देने लगा।

शांति की पहल के बीच फिर भड़की रूस-यूक्रेन जंग

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच 14 बिंदुओं वाले शांति समझौते पर हस्ताक्षर के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि वैश्विक स्तर पर तनाव कम होगा। लेकिन रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में फिलहाल किसी तरह की नरमी के संकेत नहीं मिल रहे हैं।

ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, गुरुवार सुबह यूक्रेन ने मॉस्को की एक बड़ी तेल रिफाइनरी को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमला किया। बताया जा रहा है कि यह रूस की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है।

मॉस्को के आसमान में दिखे यूक्रेनी ड्रोन

हमले के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें मॉस्को के ऊपर ड्रोन उड़ते हुए और रिफाइनरी क्षेत्र से धुआं उठता दिखाई दे रहा है। हालांकि रूसी प्रशासन की ओर से नुकसान के सही आंकड़े अभी जारी नहीं किए गए हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि तेल प्रतिष्ठानों पर हमले से रूस की ऊर्जा आपूर्ति और निर्यात गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।

रूस ने भी हाल ही में किया था बड़ा हमला

इससे पहले 15 जून को रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक को अंजाम दिया था। रूस ने एक साथ 70 मिसाइलें और 611 ड्रोन दागे थे।

यूक्रेन का दावा है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया था। इसके बावजूद कई मिसाइलें और ड्रोन देश के 42 अलग-अलग स्थानों पर गिरे, जिससे भारी नुकसान हुआ।

हमलों के दौरान यूक्रेन की राजधानी कीव और दूसरे सबसे बड़े शहर खार्किव को भी निशाना बनाया गया था। इस हमले में एक हजार साल पुराने ऐतिहासिक चर्च को भी नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई थी।

ट्रंप कर रहे हैं मध्यस्थता की कोशिश

जी-7 सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए थे कि ईरान के बाद अब अमेरिका रूस और यूक्रेन के बीच भी शांति वार्ता की दिशा में प्रयास करेगा।

बताया गया है कि हाल ही में ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से अलग-अलग फोन पर बातचीत भी की थी। हालांकि मौजूदा हालात बताते हैं कि दोनों देशों के बीच युद्ध फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा।

वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है असर

रूस दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल है। ऐसे में तेल रिफाइनरियों पर हमले से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रूस-यूक्रेन संघर्ष और तेज हुआ तो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

Related posts

China से जितना बढ़ेगा आयात, भारत उतना कमाएगा? 100 अरब डॉलर के ट्रेड घाटे के पीछे ‘दिल्ली का खेल’ समझिए

News Author

US-Iran War Live: ईरान की ओर बढ़ी तबाही की अगली खेप, F-35 तैयार, लेकिन सऊदी अरब ने अमेरिका को दिया बड़ा झटका

News Author

रूसी तेल खरीदारों पर अमेरिका का शिकंजा, भारत समेत 5 देशों पर 100% टैरिफ का खतरा!

News Author

Leave a Comment