भोपाल। यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में बहस तेज हो गई है। राजधानी भोपाल में आयोजित एक जनसभा में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने UCC का विरोध करते हुए मुस्लिम पर्सनल लॉ, निकाह, विरासत और धार्मिक पहचान से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने सरकार की UCC नीति पर सवाल खड़े किए और इसे लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखीं।
निकाह को लेकर क्या बोले ओवैसी?
भोपाल की सेंट्रल लाइब्रेरी में आयोजित सभा में ओवैसी ने निकाह की प्रकृति पर अपनी बात रखते हुए कहा कि मुस्लिम निकाह को जन्म-जन्म का साथ नहीं बल्कि एक कॉन्ट्रैक्ट माना जाता है। उन्होंने हिंदू और मुस्लिम विवाह व्यवस्थाओं की तुलना करते हुए UCC के संभावित प्रभावों पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि अलग-अलग धार्मिक समुदायों की विवाह संबंधी व्यवस्थाओं को एक समान कानून के दायरे में लाने से मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़े प्रावधान प्रभावित हो सकते हैं।
UCC पर ओवैसी ने सरकार से पूछे सवाल
ओवैसी ने आरोप लगाया कि UCC के जरिए मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने मध्य प्रदेश में आदिवासी और मुस्लिम समुदायों को लेकर भी सवाल उठाए। अपने भाषण में उन्होंने दावा किया कि राज्य की आदिवासी आबादी को UCC से बाहर रखा गया है, जबकि मुस्लिम समुदाय को इसके दायरे में लाया जा रहा है।
यह उनके भाषण में व्यक्त राजनीतिक दावा है। UCC को लेकर सरकार और उसके समर्थकों की ओर से इसके उद्देश्य और प्रभाव को लेकर अलग दृष्टिकोण रखा जाता रहा है।
RSS पर भी साधा निशाना
सभा के दौरान AIMIM प्रमुख ने RSS पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कानून समय के साथ बदल सकते हैं और उन्होंने संविधान को अपनी प्राथमिकता बताया। ओवैसी ने युवाओं से अपनी धार्मिक पहचान और अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील भी की।
बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान का जिक्र
ओवैसी ने बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा के उस पुराने बयान का भी जिक्र किया, जिसमें काजी कैंप को लेकर मिसाइल वाली टिप्पणी की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, शर्मा ने बाद में सफाई देते हुए कहा था कि उनका संदर्भ भोपाल के काजी कैंप से नहीं, बल्कि पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित काजी कैंप से था।
ओवैसी ने इसी मुद्दे को अपने भाषण में उठाते हुए शर्मा को चुनौती दी और उनके बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उनके भाषण के इस हिस्से के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
UCC पर बढ़ रही राजनीतिक बहस
मध्य प्रदेश में UCC को लेकर ओवैसी की सभा ऐसे समय हुई है जब देश के अलग-अलग हिस्सों में समान नागरिक संहिता को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा जारी है। हाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा है कि बीजेपी नेतृत्व वाली सरकारों वाले 21 राज्यों में 2029 से पहले UCC लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा।
भोपाल की सभा के बाद UCC, व्यक्तिगत कानून और धार्मिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बहस एक बार फिर चर्चा में है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।