सपा की PDA यात्रा से पहले शहर में लगे विरोधी पोस्टर, अखिलेश यादव पर तीखे सवाल और नारे लिखे होने का दावा
रायबरेली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के रायबरेली दौरे से पहले शहर में पोस्टर वार शुरू हो गया है। सपा प्रमुख के प्रस्तावित कार्यक्रम से ठीक पहले रायबरेली के विभिन्न इलाकों और प्रमुख चौराहों पर उनके विरोध में पोस्टर लगाए जाने की खबर सामने आई है। इन पोस्टरों में अखिलेश यादव के साथ आजम खान, अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी की तस्वीरों का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया है। पोस्टरों पर लिखे नारों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
विरोधी पोस्टरों में क्या लिखा है?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रायबरेली शहर और बछरावां कस्बे में लगाए गए कथित पोस्टरों में अखिलेश यादव को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक और तीखे राजनीतिक नारे लिखे गए हैं। इनमें ‘अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश’ और ‘आजम, अतीक और मुख्तार यही चलाते थे सरकार’ जैसे नारे शामिल बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा कुछ पोस्टरों में समाजवादी पार्टी के चुनाव चिह्न साइकिल और लाल टोपी को लेकर भी विवादित टिप्पणियां की गई हैं। इन पोस्टरों का उद्देश्य सपा प्रमुख के खिलाफ राजनीतिक विरोध दर्ज कराना बताया जा रहा है। हालांकि, ऐसे नारों में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
लखनऊ-रायबरेली मार्ग पर भी पोस्टरबाजी
रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ-रायबरेली मार्ग पर भी अखिलेश यादव के विरोध में पोस्टर लगाए गए हैं। इनमें उनकी कथित वैनिटी वैन, सड़क निर्माण और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देने जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए गए हैं।
कुछ पोस्टरों में अखिलेश यादव के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है। इन पोस्टरों के जरिए प्रदेश की राजनीति में कानून-व्यवस्था और पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल को लेकर भी राजनीतिक संदेश देने का प्रयास नजर आता है।
रायबरेली से PDA रथयात्रा की शुरुआत
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 24 सितंबर को रायबरेली से PDA रथयात्रा की शुरुआत करने पहुंचे। पार्टी के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों से जुड़ाव बढ़ाना है। यात्रा के दौरान अखिलेश यादव हरचंदपुर के सपा विधायक राहुल लोधी के आवास पर भी पहुंचे।
यात्रा को लेकर सपा समर्थकों ने स्वागत में पोस्टर और होर्डिंग लगाए। वहीं, विरोधी पोस्टरों के सामने आने से राजनीतिक बयानबाजी और चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
पोस्टर लगाने की जिम्मेदारी किसने ली?
रिपोर्ट के मुताबिक, रायबरेली में अखिलेश यादव के विरोध में लगाए गए पोस्टरों की जिम्मेदारी स्थानीय भाजपा नेता हरिओम चतुर्वेदी ने ली है। हालांकि, सभी पोस्टरों के संबंध में जिम्मेदार लोगों की जानकारी स्पष्ट नहीं है। पोस्टरबाजी को लेकर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की नाराजगी की बात भी सामने आई है।
राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मामला रायबरेली में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, पोस्टरों में लगाए गए आरोपों को संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के साथ ही देखा जाना चाहिए।