Dream Sankalp News | 30 सितंबर 2026
पंजाब। पंजाब की दो प्रमुख यूनिवर्सिटी, चितकारा यूनिवर्सिटी और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रों के प्रदर्शन के बाद जमकर हंगामा हुआ। दोनों संस्थानों में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसक हो गया। इस दौरान परिसर में तोड़फोड़, वाहनों में आगजनी, सड़क जाम और पुलिसकर्मियों के घायल होने की घटनाएं सामने आईं। हालांकि, पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद दोनों जगह हालात पर काबू पा लिया गया है। पुलिस अब इन घटनाओं के पीछे की वजहों के साथ-साथ कथित बाहरी तत्वों की भूमिका और साजिश के एंगल से भी जांच कर रही है।
चितकारा यूनिवर्सिटी में दो छात्राओं के लापता होने की अफवाह से शुरू हुआ प्रदर्शन
पंजाब की चितकारा यूनिवर्सिटी में दो छात्राओं के कथित तौर पर लापता होने की अफवाह के बाद छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और परिसर में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। हंगामे के बाद पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं।
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन कर रहे छात्र दो लड़कियों के लापता होने की बात कह रहे थे, लेकिन किसी भी छात्र को कथित तौर पर लापता छात्राओं के नाम या पहचान की जानकारी नहीं थी। शुरुआती जांच में यह मामला अफवाह से जुड़ा प्रतीत हुआ। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि किसी छात्रा के वास्तव में लापता होने की पुष्टि होती है, तो मामले की पूरी जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
LPU में छात्रा से दुष्कर्म के आरोप के बाद भड़का बवाल
फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में भी छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि किसी बाहरी व्यक्ति ने एक छात्रा के साथ दुष्कर्म किया है। इस कथित घटना को लेकर छात्रों में आक्रोश फैल गया और शनिवार देर रात परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ की गई और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर यातायात बाधित हुआ। इस दौरान कई वाहनों में आग लगा दी गई, जिनमें पुलिस के वाहन भी शामिल थे। हिंसक झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना से जुड़े दावों को अफवाह बताया। LPU के डीन सौरव लखनपाल के मुताबिक, विश्वविद्यालय की ओर से मामले की जांच की गई और शुरुआती पड़ताल में ये दावे अफवाहों पर आधारित पाए गए। पुलिस मामले की वास्तविक स्थिति का पता लगाने में जुटी है।
DGP गौरव यादव ने किया दौरा, SIT गठित कर शुरू हुई जांच
LPU में हिंसक प्रदर्शन के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी। पंजाब के DGP गौरव यादव ने खुद विश्वविद्यालय पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि कुछ तत्वों ने उकसावे के बाद माहौल खराब करने की कोशिश की और पुलिस वाहनों पर पथराव किया।
DGP के मुताबिक, हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए CCTV फुटेज का तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण किया जा रहा है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित
हिंसक प्रदर्शन के बाद लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने छात्रों से शांति बनाए रखने और किसी भी अपुष्ट सूचना पर भरोसा नहीं करने की अपील की है।
चितकारा यूनिवर्सिटी में भी पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उनकी शिकायतों पर जांच का आश्वासन दिया। दोनों ही मामलों में प्रशासन की ओर से स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए गए हैं।
बाहरी तत्वों और साजिश के एंगल से जांच
दोनों विश्वविद्यालयों में हुए प्रदर्शनों के बाद पुलिस और प्रशासन असामाजिक तत्वों की संभावित भूमिका की भी जांच कर रहे हैं। LPU प्रशासन ने भी आशंका जताई है कि कुछ बाहरी तत्वों ने अफवाहों के जरिए छात्रों को भड़काने की कोशिश की हो सकती है। हालांकि, किसी बाहरी व्यक्ति या संगठित साजिश की भूमिका की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
विपक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल
पंजाब की दोनों यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान की आलोचना की। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की भी निंदा की।
वहीं, भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने LPU की घटना को लेकर साजिश की आशंका जताई और इसे पंजाब के अन्य मुद्दों से ध्यान भटकाने से जोड़कर देखा। हालांकि, विपक्षी नेताओं की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल, चितकारा यूनिवर्सिटी और LPU दोनों में स्थिति नियंत्रण में बताई गई है। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि प्रदर्शन किन परिस्थितियों में हिंसक हुए और क्या इनके पीछे किसी बाहरी तत्व की भूमिका थी।