न्यूज़ डेस्क | 23 अक्टूबर 2026
मुरादाबाद/नई दिल्ली। एशिया के कई क्षेत्रों में भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत का माहौल है। गुरुवार देर रात तिब्बत में आए 7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 54 लोग घायल हुए हैं। कई मकान ढहने और सड़कों पर मलबा गिरने से राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हुए हैं। वहीं, शुक्रवार सुबह पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन में भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए।
तिब्बत में भूकंप से भारी नुकसान
तिब्बत के नागचू क्षेत्र में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद कई इमारतें और मकान क्षतिग्रस्त हो गए। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में कम से कम 339 मकान और पशुओं के 20 बाड़े ढह गए। भूकंप के कारण कई स्थानों पर संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र नागचू शहर से लगभग 191 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में था। इसकी गहराई करीब 18 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक यानी झटके भी महसूस किए गए, जिससे प्रभावित इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं।
पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन में सुबह महसूस हुए झटके
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, शुक्रवार सुबह पाकिस्तान में भारतीय समयानुसार 4 बजकर 56 मिनट पर 4.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसके बाद सुबह 5 बजकर 54 मिनट पर अफगानिस्तान में 4.1 तीव्रता और सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर चीन में 4.4 तीव्रता के झटके दर्ज हुए।
इन तीनों देशों में सुबह आए भूकंपों से संबंधित नुकसान और जनहानि की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, लगातार सामने आ रही भूकंप की खबरों के बीच प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
1,600 से अधिक लोग राहत अभियान में जुटे
तिब्बत के प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने 1,600 से अधिक लोगों को अभियान में लगाया है। प्रभावित परिवारों के लिए लगभग 3,000 तंबू, 1,000 प्रीफैब्रिकेटेड आवास इकाइयां, फोल्डिंग बेड, टॉर्च और सर्दियों में इस्तेमाल होने वाले कपड़ों की व्यवस्था की गई है।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अधिकारियों को राहत अभियान तेज करने और घायलों को बेहतर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
चट्टानें गिरने से सड़क और रेल यातायात प्रभावित
भूकंप के कारण कई स्थानों पर चट्टानें खिसककर सड़कों पर गिर गईं। इसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग-317 के एक हिस्से को बंद करना पड़ा। फिलहाल इस मार्ग पर बचाव दलों और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रभावित क्षेत्र में संचार व्यवस्था बहाल करने के प्रयास भी जारी हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले तीन दिनों तक कुछ इलाकों में रुक-रुककर बर्फबारी हो सकती है। इससे राहत एवं बचाव अभियान में अतिरिक्त चुनौतियां आने की आशंका है।
प्रभावित क्षेत्रों में हालात पर नजर
तिब्बत में भूकंप से हुई तबाही के बाद प्रशासन के सामने घायलों को उपचार उपलब्ध कराने, बेघर परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरी सेवाएं बहाल करने की चुनौती है। पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन में सुबह दर्ज किए गए झटकों के बाद भी स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
नोट: यह लेख उपलब्ध कराई गई समाचार सामग्री पर आधारित है। प्रकाशित करने से पहले मृतकों, घायलों और भूकंप की तीव्रता से जुड़े आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि अवश्य कर लें।