नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA ब्लॉक की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली के जरिए विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग पर निशाना साधा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार पद से नहीं हटेंगे, तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी। इस रैली में राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत विपक्षी गठबंधन के कई बड़े नेता शामिल हुए।
ओपन बस में सवार होकर रामलीला मैदान पहुंचे राहुल और अखिलेश
महारैली से पहले विपक्षी दलों के नेताओं का जुटना शुरू हो गया था। सुबह करीब 11 बजे INDIA ब्लॉक के सांसद कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एकत्र हुए। इसके बाद गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर मुलाकात की।
यहां से नेताओं के लिए ओपन बसों की व्यवस्था की गई थी। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव एक ओपन बस में साथ नजर आए। उनके साथ टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत कई नेता भी मौजूद रहे।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मार्च का नक्शा साझा करते हुए दिल्ली के लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने लोगों को कनॉट प्लेस से साथ चलने या सीधे रामलीला मैदान पहुंचने का संदेश दिया था।
‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ विपक्ष का प्रदर्शन
INDIA ब्लॉक ने इस महारैली को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ नाम दिया। विपक्षी गठबंधन चुनाव प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहा है। रैली के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनाव से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने की कोशिश की गई।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी इस दौरान दावा किया कि आने वाला तूफान ज्ञानेश कुमार को पद से हटा देगा। वहीं शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग रैली में शामिल होने पहुंच रहे हैं। उन्होंने इसे किसी एक राजनीतिक दल के बजाय देश की जनता की ताकत का प्रदर्शन बताया।
खरगे ने जारी रखी लड़ाई का किया ऐलान
रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार नहीं हटेंगे, तब तक लड़ाई जारी रहेगी।
खरगे के इस बयान के साथ विपक्ष ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध और तेज करने का संदेश दिया। रैली में शामिल नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं और मांगें उठाईं।
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर साधा निशाना
दूसरी ओर, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने INDIA ब्लॉक की रैली को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस आयोजन के जरिए दिल्ली में अराजकता फैलाने और व्यापारियों के कारोबार को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
नड्डा ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस पर सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप भी लगाया। इससे पहले उन्होंने रैली के कारण आर्थिक नुकसान होने का दावा भी किया था।
दिल्ली में तेज हुआ सियासी टकराव
रामलीला मैदान में विपक्षी दलों की महारैली और बीजेपी के विरोध प्रदर्शन के बीच दिल्ली का राजनीतिक माहौल गर्म रहा। एक ओर INDIA ब्लॉक ने चुनाव प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद की, वहीं बीजेपी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर पलटवार किया।
इस रैली के जरिए विपक्ष ने एकजुटता दिखाने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर आगे राजनीतिक और संस्थागत स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं।