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दिल्ली का ऐतिहासिक मंदिर ISI के निशाने पर, शहजाद भट्टी मॉड्यूल का बड़ा खुलासा

दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आई बड़ी साजिश

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े कथित शहजाद भट्टी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए बड़ा खुलासा किया है। जांच में पता चला है कि राजधानी का एक ऐतिहासिक मंदिर आतंकियों के निशाने पर था।

सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में से एक ने मंदिर परिसर की रेकी की थी। उसने सुरक्षा व्यवस्था, पुलिसकर्मियों की तैनाती और आसपास की गतिविधियों की तस्वीरें और वीडियो तैयार किए थे। जांच एजेंसियों को शक है कि यह जानकारी पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स और ISI संपर्कों तक पहुंचाई गई थी।

मंदिर परिसर में हमला करने की थी योजना

पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आतंकियों की योजना सिर्फ रेकी तक सीमित नहीं थी। आरोपियों ने कथित तौर पर मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों को निशाना बनाने की साजिश रची थी।

जांच एजेंसियों का मानना है कि इस हमले का मकसद बड़े स्तर पर दहशत फैलाना और सांप्रदायिक तनाव पैदा करना था। यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से देख रही हैं।

दिल्ली-सोनीपत हाईवे के ढाबे पर भी था खतरा

जांच में यह भी सामने आया है कि दिल्ली-सोनीपत हाईवे पर स्थित एक प्रसिद्ध ढाबा भी आतंकियों के निशाने पर था। इस ढाबे पर हर दिन हजारों लोगों की आवाजाही रहती है।

सूत्रों के अनुसार यहां हैंड ग्रेनेड हमला कर बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई गई थी। एजेंसियों को शक है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों को टारगेट कर ज्यादा से ज्यादा दहशत फैलाने की तैयारी थी।

हिसार सैन्य कैंप की भी हुई रेकी

दिल्ली और हरियाणा के अलावा हिसार स्थित एक सैन्य कैंप की रेकी किए जाने का भी खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि कैंप और आसपास की गतिविधियों से जुड़े वीडियो पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स तक भेजे गए थे।

अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सैन्य प्रतिष्ठानों से जुड़ी और कौन-कौन सी संवेदनशील जानकारियां साझा की गई थीं।

कई राज्यों में फैला था नेटवर्क

दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई में इस मॉड्यूल से जुड़े 9 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से हथियार, गोला-बारूद और संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि उत्तर प्रदेश के कुछ पुलिस स्टेशनों पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाने की योजना थी। एजेंसियां अब फंडिंग, सोशल मीडिया नेटवर्क और मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं।

संवेदनशील धार्मिक स्थलों, सैन्य ठिकानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

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