लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में सितंबर के दौरान परिवार से जुड़े नेताओं की राजनीतिक भूमिका को लेकर हुए लगातार बदलावों के बीच बुधवार, 23 सितंबर को पार्टी की अहम बैठक होने जा रही है। बैठक में देशभर के वरिष्ठ पदाधिकारी और विभिन्न राज्यों के पार्टी अध्यक्ष शामिल होंगे। इस दौरान संगठन की स्थिति, आगामी चुनावी तैयारियों और हाल के फैसलों पर चर्चा होने की संभावना है।
आकाश आनंद की भूमिका में बदलाव
सितंबर की शुरुआत से बसपा में आकाश आनंद की भूमिका को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले हुए। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने पहले उन्हें राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर के पद से हटाया और बाद में पार्टी से अलग करने का फैसला सामने आया।
इसके बाद आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को लेकर भी मायावती की ओर से कार्रवाई की गई। 20 सितंबर को मायावती ने आकाश आनंद और दीपिका आनंद को पार्टी में जिम्मेदारी नहीं देने की बात कही, जबकि ईशान आनंद को संगठन में सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाने का संकेत दिया।
ईशान आनंद को लेकर दो बार बदला फैसला
आकाश आनंद के बाद उनके छोटे भाई ईशान आनंद को संगठन में जिम्मेदारी देने का फैसला सामने आया था। 8 सितंबर की रिपोर्टों में ईशान को मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाए जाने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि कुछ ही समय बाद यह जिम्मेदारी समाप्त कर दी गई।
इसके बाद 20 सितंबर को मायावती ने फिर ईशान आनंद को संगठन में सम्मानजनक जिम्मेदारी देने की बात कही। वहीं आकाश आनंद और दीपिका आनंद को संगठनात्मक जिम्मेदारी से दूर रखने की बात स्पष्ट की गई।
23 सितंबर की बैठक में क्या होगा?
23 सितंबर की बैठक में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब समेत चुनावी राज्यों की तैयारियों की समीक्षा किए जाने की बात सामने आई है। पार्टी पदाधिकारियों से संगठन की जमीनी स्थिति और अब तक की तैयारियों की रिपोर्ट भी ली जा सकती है। प्रत्याशी चयन और संगठन को सक्रिय करने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा संभावित है।
बैठक को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसी दौरान ईशान आनंद की संगठन में भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। हालांकि बैठक शुरू होने से पहले उनकी अंतिम जिम्मेदारी को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।
चुनावी तैयारियों पर भी रहेगा फोकस
बसपा अगले विधानसभा चुनावों को लेकर संगठनात्मक तैयारियों पर जोर दे रही है। 21 सितंबर को पार्टी ने सुल्तानपुर विधानसभा सीट के लिए इम्तियाज अहमद भुट्टो को प्रभारी/प्रत्याशी घोषित किए जाने की जानकारी भी दी थी।
ऐसे में 23 सितंबर की बैठक में एक ओर संगठन में हालिया बदलावों पर चर्चा हो सकती है, वहीं दूसरी ओर चुनावी राज्यों में पार्टी की तैयारियों और संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा भी महत्वपूर्ण विषय रहने की संभावना है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि बैठक के बाद ईशान आनंद को कौन सी जिम्मेदारी दी जाती है और बसपा परिवार के सदस्यों की संगठन में भूमिका को लेकर आगे क्या औपचारिक व्यवस्था सामने आती है।