नई दिल्ली। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान को लेकर मनोरंजन जगत में बहस तेज हो गई है। अभिनेता पुनीत इस्सर ने नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी पर असहमति जताते हुए कहा कि अगर उन्हें मौजूदा सरकार की नीतियां पसंद नहीं हैं, तो उन्हें चुनाव लड़कर सरकार को हराने का प्रयास करना चाहिए। इस्सर ने नसीरुद्दीन शाह को अपना वरिष्ठ कलाकार बताते हुए उनके अभिनय की सराहना भी की, लेकिन उनके राजनीतिक विचारों पर सवाल उठाए।
नसीरुद्दीन शाह ने वीडियो में क्या कहा?
खबर के मुताबिक, नसीरुद्दीन शाह ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार और उसके समर्थकों की ओर से आलोचकों को ‘एंटी-नेशनल’ और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ जैसे नाम दिए जाते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने खुद को ‘दिमागी नक्सल’ बताते हुए अपनी बात रखी।
शाह का कहना था कि जो लोग भाजपा की विचारधारा से सहमत नहीं हैं, उन्हें निशाना बनाया जाता है और उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई किए जाने की कोशिश होती है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और मनोरंजन जगत में प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
पुनीत इस्सर ने उठाए सवाल
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में पुनीत इस्सर ने कहा कि नसीरुद्दीन शाह उनके वरिष्ठ हैं और एक बेहतरीन कलाकार हैं। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि शाह विभिन्न मुद्दों पर एकतरफा दृष्टिकोण रखते हैं और कई मामलों पर अपनी बात नहीं रखते।
इस्सर ने नसीरुद्दीन शाह की विचारधारा को वामपंथी बताते हुए नक्सलियों के मुद्दे पर उनके रुख की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति इस तरह के बयान देता है, तो उसकी भारतीयता पर सवाल उठ सकते हैं। यह टिप्पणी पुनीत इस्सर की निजी राय है; इसे किसी निष्कर्ष या प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
‘सरकार पसंद नहीं तो चुनाव लड़ें’
पुनीत इस्सर ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने विचार रखने और सरकार की आलोचना करने का अधिकार है। उनके मुताबिक, अगर नसीरुद्दीन शाह सरकार से सहमत नहीं हैं, तो वे चुनाव लड़कर उसे हराने की कोशिश कर सकते हैं। इस्सर ने यह भी कहा कि सरकार जनता के वोट से सत्ता में आई है।
इस बयान के साथ दोनों अभिनेताओं के विचारों में अंतर सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर नसीरुद्दीन शाह ने सरकार की नीतियों और आलोचकों के साथ कथित व्यवहार पर सवाल उठाए, वहीं पुनीत इस्सर ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए विरोध जताने की बात कही।
परेश रावल ने भी रखी अपनी राय
रिपोर्ट के अनुसार, अभिनेता परेश रावल ने कहा कि हर किसी को अपनी भावनाएं व्यक्त करने का अधिकार है और वे नसीरुद्दीन शाह की निजी राय पर टिप्पणी नहीं करना चाहते। उनके बयान ने इस बहस में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पहलू को भी सामने रखा।
नसीरुद्दीन शाह और पुनीत इस्सर के बीच यह मतभेद राजनीतिक विचारों और सार्वजनिक हस्तियों