लखनऊ। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी है। लखनऊ में उत्तर प्रदेश भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को SIR के मुद्दे पर कुछ भी छिपाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस विषय पर चर्चा करने का न्योता दिया।
संसद का विशेष सत्र बुलाने की चुनौती
अमित शाह ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा संसद में SIR पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने दोनों नेताओं से संसद का विशेष सत्र बुलाने और इस मुद्दे पर खुलकर बहस करने को कहा।
शाह के मुताबिक, भाजपा के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह SIR पर चर्चा की मांग तो करता है, लेकिन संसद की कार्यवाही के दौरान हंगामा करके सदन नहीं चलने देता।
चुनाव हारने पर आयोग पर आरोप लगाता है विपक्ष
गृह मंत्री ने विपक्ष की चुनावी रणनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में हार मिलने के बाद विपक्ष परिणाम स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगता है। शाह ने कहा कि विपक्ष चुनाव हारने पर वोट चोरी जैसे आरोप लगाता है और चुनाव आयोग को निशाना बनाता है।
SIR को लेकर भी भाजपा और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। विपक्ष इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे वापस लेने की मांग कर रहा है, जबकि भाजपा इसे मतदाता सूची से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया बता रही है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ INDIA ब्लॉक का कार्यक्रम
अमित शाह का बयान ऐसे समय आया है, जब INDIA ब्लॉक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहा है। विपक्ष की ओर से 31 अक्टूबर को दिल्ली में प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है।
इस कार्यक्रम को पहले मॉक पार्लियामेंट नाम दिया गया था, लेकिन बाद में इसे ‘जन महाभियोग’ कहा जाने लगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इसमें महाभियोग प्रस्ताव पेश करने की भूमिका निभाएंगे। यह जनता के बीच आयोजित एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम है, न कि संवैधानिक महाभियोग की औपचारिक प्रक्रिया।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में होगी रैली
INDIA ब्लॉक ने SIR की प्रक्रिया वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने का ऐलान किया है।
राहुल गांधी ने लोगों से इस रैली में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इसमें राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक संगठनों, नागरिक समाज और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग भी शामिल हो सकते हैं।
राहुल गांधी ने यह आरोप भी लगाया कि केंद्र सरकार दिल्ली आने वाले लोगों को रोकने की कोशिश कर रही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना और पंजाब से आने वाले कार्यकर्ताओं और आम लोगों को रोके जाने का दावा किया।
SIR को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव अब संसद से लेकर सड़क तक पहुंच गया है। एक ओर अमित शाह ने संसद में खुली बहस की चुनौती दी है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष विरोध प्रदर्शन और रैली के जरिए अपनी मांगों को उठाने की तैयारी में है। अब देखना होगा कि विपक्ष शाह की चुनौती पर क्या प्रतिक्रिया देता है और इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस आगे किस दिशा में बढ़ती है।