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भारत की ‘देसी टॉमहॉक’ मिसाइल का सफल परीक्षण, दुश्मनों की बढ़ी टेंशन!

DRDO ने हासिल की बड़ी सफलता

भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए स्वदेशी लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज़ मिसाइल यानी LRLACM का सफल परीक्षण किया है। ओडिशा तट के पास किए गए इस परीक्षण को पूरी तरह सफल बताया गया है। रक्षा विशेषज्ञ इसे अमेरिकी टॉमहॉक मिसाइल के भारतीय समकक्ष के रूप में देख रहे हैं।

क्यों खास है LRLACM मिसाइल?

LRLACM एक लंबी दूरी की क्रूज़ मिसाइल है जिसे दुश्मन के महत्वपूर्ण सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर बेहद सटीक हमला करने के लिए विकसित किया गया है। माना जा रहा है कि इसकी मारक क्षमता 1000 से 1500 किलोमीटर तक हो सकती है। हालांकि इसकी आधिकारिक रेंज अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

चीन और पाकिस्तान की बढ़ सकती है चिंता

यदि इस मिसाइल को भारत के पश्चिमी मोर्चे पर तैनात किया जाता है तो पाकिस्तान के कई महत्वपूर्ण शहर इसकी पहुंच में आ सकते हैं। वहीं उत्तरी और पूर्वी सीमाओं पर तैनाती के बाद चीन के कई रणनीतिक सैन्य क्षेत्रों तक इसकी पहुंच संभव मानी जा रही है। यही वजह है कि इसे भारत की सामरिक ताकत में बड़ा इजाफा माना जा रहा है।

रडार को चकमा देने में सक्षम

इस मिसाइल की सबसे बड़ी ताकत इसकी उड़ान प्रणाली है। पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइलों के विपरीत यह बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान भरती है। लो-फ्लाइट प्रोफाइल के कारण दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे पहचानना काफी मुश्किल हो जाता है। इससे यह लक्ष्य तक पहुंचने में अधिक प्रभावी साबित हो सकती है।

तीनों प्लेटफॉर्म से की जा सकेगी लॉन्च

LRLACM को जमीन आधारित लॉन्चर, युद्धपोत और पनडुब्बी से दागा जा सकता है। इसकी यह बहुमुखी क्षमता भारतीय सेना, नौसेना और भविष्य की संयुक्त सैन्य रणनीतियों के लिए बेहद उपयोगी मानी जा रही है।

पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से तैयार

डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं और भारतीय रक्षा उद्योग के सहयोग से इस मिसाइल का विकास किया गया है। यह पुराने निर्भय मिसाइल कार्यक्रम का उन्नत संस्करण माना जा रहा है। स्वदेशी तकनीक पर आधारित होने के कारण यह भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती देता है।

आधुनिक युद्ध की नई जरूरत

ऑपरेशन सिंदूर, रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया के हालिया संघर्षों ने दिखाया है कि लंबी दूरी से सटीक हमला करने वाली क्रूज़ मिसाइलें आधुनिक युद्ध में निर्णायक भूमिका निभाती हैं। ऐसे में LRLACM भारतीय सशस्त्र बलों को दुश्मन के ठिकानों पर बिना सीमा पार किए सटीक हमला करने की क्षमता प्रदान कर सकती है।

अमेरिकी टॉमहॉक से क्यों हो रही तुलना?

अमेरिका की टॉमहॉक मिसाइल दशकों से दुनिया की सबसे प्रभावी क्रूज़ मिसाइलों में गिनी जाती है। इसकी लंबी दूरी, सटीकता और लक्ष्य बदलने की क्षमता इसे खास बनाती है। भारत की LRLACM को भी इसी श्रेणी की आधुनिक क्रूज़ मिसाइल माना जा रहा है, इसलिए इसे “देसी टॉमहॉक” कहा जा रहा है।

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